जागरण संवाददाता, कठुआ: अमरनाथ यात्रा मार्ग पर लंगर लगाने के लिए जवाहर टनल तक जा रहे राशन से लदे ट्रकों को रविवार को लखनपुर टोल प्लाजा से आगे नहीं बढ़ने दिया गया। इससे लंगर सेवकों में भारी रोष बन गया। दिनभर वे तेज धूप में अपने वाहनों के साथ लखनपुर में खड़े रहे और अधिकारियों से आगे जाने देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। लखनपुर के डीसी टोल टैक्स का कहना था कि लंगर संचालक के पास अमरनाथ यात्रा के दौरान सीईओ की टोल माफी का अनुमति पत्र नहीं है। इसीलिए उनको रोका गया है। वहीं, लंगर संचालक का कहना था कि उन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी की हैं। उनके पास टोल माफी का अनुमति पत्र भी है। इसके बावजूद उनको आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि पहले सरकार ने जवाहर टनल से आगे बढ़ने के लिए 21 जून की तिथि तय की थी, जिसका भारी विरोध हुआ। इसके बाद सरकार ने आगे बढ़ने की तारीख को 18 जून कर दिया। इसको ध्यान में रखते हुए ही दिल्ली से आए लंगर सेवक दो दिन पहले ही रविवार को सुबह 11 बजे जवाहर टनल तक पहुंच जाना चाहते थे, ताकि बाद में जाम या किसी अन्य वजह से वे बीच रास्ते में न फंस जाएं, लेकिन उनको आगे नहीं बढ़ने दिया गया। दिनभर वे धूप में परेशान रहे, वहीं रात में सुविधाएं नहीं मिलने पर भी उनको भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

दिल्ली से 21वीं बार यात्रा मार्ग पर बालटाल में भंडारा लगाने जा रहे ओम शिवशक्ति सेवा मंडल के प्रमुख अनिल ने बताया कि उनके साथ ऐसा पहली बार हुआ है, जब उन्हें लखनपुर से आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। उनके पास 18 जून से जवाहर टनल से आगे बढ़ने की अमरनाथ श्राइन बोर्ड की लिखित अनुमति के अलावा टोल माफी की भी अनुमति है। उसके बाद भी लखनपुर में कोई अधिकारी टोल पोस्ट से उन्हें राज्य में इंट्री नहीं करने दे रहा है। लखनपुर पुलिस भी उन्हें 21 जून से पहले आगे नहीं बढ़ने की बात कर रही है। ऐसे में वे कैसे और कब जाकर वहां अपना लंगर स्थापित करेंगे, कुछ पता नहीं चल रहा है। अनिल का कहना था कि बड़ा लंगर लगाने के लिए उन्हें कम से कम से 20 दिन चाहिए, लेकिन अब तो 15 दिन से भी कम समय रह गया है। उनके साथ तीन ट्रक में सामान के अलावा 150 मजदूर हैं, जो वहां जाकर लंगर में काम करने के अलावा सेवा करेंगे। उधर, उनके अलावा सिरसा और अन्य इलाकों से भी पांच लंगर सेवक मंडल भी लखनपुर में शाम को आकर रुके हैं।

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जिला प्रशासन की तरफ से लंगर सेवकों या संचालक के वाहनों को लखनपुर में रोके जाने के संबंध में किसी भी तरह के आदेश नहीं है। लंगर सेवकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

-विकास कुंडल, डीसी कठुआ

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दिल्ली से ओम शिवशक्ति लंगर सेवा मंडल के पास अमरनाथ यात्रा के दौरान सीईओ की टोल माफी का अनुमति पत्र नहीं है। इसीलिए उनको रोका गया है। अगर वे जाना चाहते हैं, तो टोल देकर जा सकते हैं, क्योंकि लिखित अनुमति के बिना वे टोल टैक्स माफ नहीं कर सकते।

-आशीष गुप्ता, डीसी टोल टैक्स, लखनपुर

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Posted By: Jagran