संवाद सहयोगी, कठुआ : कृषि बिल के पास होने के विरोध में किसानों के अलग-अलग संगठनों ने शुक्रवार को भारत बंद का एलान किया था। इसी क्रम में कठुआ में ऑल जेएंडके किसान काग्रेस के बैनर तले किसानों की बैठक हुई। इस दौरान नए कृषि बिल को किसान विरोधी बताया गया। किसानों का कहना है कि नए बिल से पूंजीवादी लोग किसानों पर हावी हो जाएंगे।

शुक्रवार को आल जेएंडके किसान काग्रेस के अध्यक्ष पूर्व मंत्री चैधरी गारू राम की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें कठुआ काग्रेस इकाई के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यकर्ताओं ने नए कृषि बिल का विरोध करते हुए कहा कि पूरे देश में 70 प्रतिशत लोग खेतीबाड़ी करते हैं, लेकिन सरकार ने मात्र पांच प्रतिशत लोगों को खुश करने के लिए इस किसान विरोधी बिल को पास कर किसानों के साथ अन्याय किया है। यह काग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस बिल से जय जवान, जय किसान.. का नारा बेमानी साबित होगा। केंद्र सरकार किसानों को प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने कहा कि आज किसान दुखी हैं। सड़कों पर धरने प्रदर्शन कर रहा है। यहां तक कि किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।

काग्रेस नेता पंकज डोगरा ने कहा कि सरकार ने जो कृषि बिल किसानों के लिए लाया है किसान विरोधी विधेयक है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को कोई लाभ नहीं मिलने वाला। पूंजीवादी लोग किसानों पर हावी होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने चंद लोगों को खुश करने के लिए किसान विरोधी बिल पास किया है। अंत में अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार कहती है कि किसानों के हित में इस विधेयक को पास किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसान के हित में बिल पास किया है तो फिर पूरे देश भर के किसान सड़कों पर क्यों है? उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही मंदी की मार झेल रहा था लेकिन केंद्र सरकार द्वारा जो बिल उन पर थोपा गया है। काग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के हित के लिए बात करती रही है। उन्होंने कहा कि जबतक सरकार इस बिल को वापस पहीं लेगी, तब तक ऑल जेके किसान काग्रेस का प्रदर्शन जारी रहेगा। बैठक में किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष तरसेम पाल सैनी, निर्दोष शर्मा, परमजीत सिंह पम्मा, पंकज डोगरा आदि मौजूद रहे।

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