संवाद सहयोगी, बिलावर:

प्राकृतिक पेयजल स्त्रोतों के प्रति सरकारी उपेक्षा के चलते फिंतर के स्थानीय युवाओं ने सराहनीय पहल करते हुए प्राचीन नौन बावली की सफाई की, ताकि गर्मियों में लोगों को पीने के लिए पानी मिल सके।

शनिवार सुबह तमदेह दिवस पर नौन डेवलपमेंट कमेटी के संयोजक शेर सिंह के नेतृत्व में मुस्कान सेवा संस्था के वालंटियरों के अलावा स्थानीय युवाओं ने प्राचीन नौन को साफ करने के लिए अभियान चलाया। यहा दर्जनों युवाओं ने नौन के अंदर जमा गंदगी , कीचड़ को साफ किया, वहीं बाहरी परिसर को भी साफ किया। जिससे नौन के आस पास फैली गंदगी, झाड़ियों को काटा गया, ताकि उसका सही उपयोग हो सकें और पानी पीने लायक बन सकें। सफाई अभियान चलाने वाले युवाओं ने बताया कि एक समय था जब नौन फिंतर, टेड, रैन डडवारा के लोगों को पीने के लिए पानी मुहिया करवाता था। यहा गर्मियों में लोगों को पीने का पानी मिलता है। तो वहीं लोगों के नहाने आदि के लिए नौन का पानी प्रयोग होता है। सरकारी उपेक्षा के कारण आज नौन का अस्तित्व खतरें में पड़ा हुआ है, जिससे बचाने के लिए वे लोग हर साल धर्मदहाडे पर सफाई अभियान चलाते है। उन्होंने कहा कि उनकी टोली टेहड में प्राकृतिक जल स्त्रोतों को साफ करने के लिए हर साल गर्मी में सफाई अभियान चलाते है। ताकि लोगों को पेयजल संकट से नहीं जूझना पड़े।

Posted By: Jagran

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