संवाद सहयोगी, कठुआ: संत निरकारी मंडल द्वारा जिले के हीरानगर, चड़वाल, दयाला चक में सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान गोविद सिंह ज्ञान प्रचारक ने संगत को गुरु कि हुक्म की पालना करने की बात करते हुए कहते हैं कि वो नजर आते हैं वो गुरमुख हैं। और गुरु सिख की निशानी भी यही रहती है।

शनिवार को उन्होंने कहा कि वो भक्त दास बन कर रहता है जो ऐसा गुरु सिख बन जाता है, उसका नाम सतगुरु रौशन कर देता है। इस दौरान अपने प्रवचन में कहा कि भक्त हनुमान जी एक इशारा होते ही सीता माता का संदेश लाया और यही नहीं संजीवनी बूटी पाने कि लिए पूरे का पूरे पर्वत उठा कर ले आए और हुक्म की पालना की। ऐसी मिसालें निरंकारी मिशन में भी मिलती है। उन्होंने कहा कि गुरु का हुक्म मानना मुश्किल लगता है, मन में शंकाए आ जाती हैं, लेकिन जो मानते हैं गुरु कि सेवा करते हैं उनके न•ादीक दुख नहीं आते, जीवन आसान हो जाता है।

इस अवसर पर गुरु परिवार से बहन निरंजन कौर, सुखदेव सिंह, •ाोनल इंचार्ज अमृतसर ने भी अपने भाव प्रकट किए। बहन निरंजन कौर ने कहा की अगर कोई गलत कर रहा है तो उसकी वकालत नहीं करनी है। इस अवसर पर बहन मीरा, बीआर निरंकारी इंचार्ज ब्रांच कठुआ ने भी अपने भाव प्रकट किए। अजीत सिंह जोनल इंचार्ज जम्मू ने आए संतो का आभार प्रकट किया।

Posted By: Jagran

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