कठुआ में प्रदूषण नियंत्रण समिति की कार्रवाई, एक्सिओम फूड्स और एजियोस पोलिफिल्मस प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस
कठुआ में प्रदूषण नियंत्रण समिति ने दूषित पानी छोड़ने के आरोप में एक्सिओम फूड्स, एजियोस पोलिफिल्मस और एमडी इंडस्ट्री (सिडको) ...और पढ़ें

रावी नदी किनारे कूड़ा जलाने पर भी समिति ने जांच की है।
HighLights
कठुआ में प्रदूषण नियंत्रण समिति ने तीन इकाइयों को नोटिस दिया।
एक्सिओम, एजियोस पर दूषित पानी छोड़ने का आरोप लगा।
सिडको और नगर परिषद पर भी पर्यावरण उल्लंघन के आरोप।
अजय मीनिया, कठुआ। औद्योगिक क्षेत्र कठुआ में दूषित पानी छोड़ने वाली दो इकाइयों और एमडी इंडस्ट्री को प्रदूषण नियंत्रण समिति ने नोटिस जारी किया है। उक्त कार्रवाई किसानों की शिकायत के बाद विधानसभा की पर्यावरण समिति द्वारा बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट के बाद हुई है।
समिति ने एक्सिओम फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, एजियोस पोलिफिल्मस प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस देते हुए जवाब मांगा है। साथ ही खामियों को तत्काल प्रभाव से दूर करने के लिए कहा गया है। जारी नोटिस में एक्सिओम फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड को बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी किसी भी तरह से फैक्ट्री के बाहर नालियों या जमीन में नहीं छोड़ने, 31 जनवरी या उससे पहले पानी की खपत और गंदे पानी के निकलने का सही आडिट करने के बाद लगाए गए अपशिष्ट उपचार संयंत्र की क्षमता बढ़ाने के लिए कहा गया है।
मार्च 2026 तक उत्पादन क्षमता सीमित रखने
मार्च 2026 तक उत्पादन को मौजूदा अपशिष्ट उपचार संयंत्र की क्षमता के बराबर ही रखना होगा। अपशिष्ट उपचार संयंत्र से निकलने वाले पानी को पाइपलाइन या किसी और तरीके से सिडको द्वारा चलाए जा रहे सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया के दौरान पैदा होने वाले बायो-डिग्रेडेबल कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन के लिए सही क्षमता वाला आर्गेनिक वेस्ट कन्वर्टर 31 मार्च तक या उससे पहले इंस्टाल किया जाएगा।
इस इकाई के खिलाफ जांच में यह भी पाया गया कि यूनिट ने अपने इलाके में गाड़ी पर पानी का टैंकर खड़ा कर रखा था, जिसका उपयोग उज्ज नदी में अनुपचारित अपशिष्टों को छोड़ने के लिए किया जाता पाया गया। इसके अलावा एक बाईपास पाइपलाइन भी लगाई गई थी, जिसका मकसद साफ तौर पर यह था कि कलेक्शन टैंक से बिना ट्रीटमेंट वाले गंदे पानी को सीधे बाहर निकालने के लिए पंप करना था।
बताया गया कि यूनिट सुधार के उपाय करने में नाकाम रही है जो अपशिष्ट उपचार संयंत्र लगाया गया था, उसकी क्षमता इतनी नहीं है कि वह मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया से निकलने वाले भारी मात्रा में गंदे पानी को ट्रीट कर सके।
इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण नियमों का पालन नहीं करने का आरोप
वहीं एगियोस पालिफिल्म के बारे जारी नोटिस में कहा गया कि यूनिट से बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी निकल रहा था। इससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। इससे गांव चक राम चंद में नाले के दोनों तरफ रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता था। बिना ट्रीट किया हुआ इंडस्ट्रियल गंदा पानी एगियोस पाली फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के पिछले हिस्से में निकला था।
यह भी कहा गया है कि यूनिट को इसे लेकर 7 जनवरी को जारी कानूनी नोटिस के बावजूद सुधार के उपाय नहीं किए, जिससे पता चलता है कि पर्यावरण के नियमों का लगातार पालन नहीं किया जा रहा है। नाले में बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी छोड़ा गया, जो जानबूझकर और लगातार नियमों का पालन न करने जैसा है।
नाले में बिना ट्रीटमेंट वाला गंदा पानी छोड़ने के बावजूद काम कर रहा है, जो लागू पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है। इस यूनिट को 31 मार्च तक जरूरी सुधार करने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
गंभीर नहीं इंडस्ट्री कारपोरेशन
इंडस्ट्री कारपोरेशन के एमडी को जारी नोटिस में बताया गया कि सिडको घाटी द्वारा लगाए गए और चलाए जा रहे कामन अपशिष्ट उपचार संयंत्र का डिविजनल आफिसर कठुआ ने इंस्पेक्शन किया था, जिन्होंने बताया कि यह अभी चालू नहीं है। इसके अलावा डिवीजनल आफिसर ने बताया कि गांव घाटी के किसानों ने इंडस्ट्रियल वेस्ट के डिस्चार्ज के बारे में शिकायत करते हुए बताया कि सिडको ने तीन अलग-अलग जगहों पर पानी फेंकने के नाले बनाए हैं।
सिडको अभी इनके जरिए इस्तेमाल इंडस्ट्रियल वेस्ट को निकालने के लिए कर रहा है। सारा पानी खेती की जमीन से सटे निचले इलाकों में जा रहा है, जिससे पता चलता है। पर्यावरण नियमों का लगातार पालन नहीं हो रहा। 31 मार्च तक इसमें भी सुधार के आदेश जारी किए गए हैं।
रावी किनारे कूड़े में आग लगाने की भी हुई जांच
प्रदूषण नियंत्रण समिति कठुआ ने रावी दरिया के किनारे खुले में कूड़ा फेंकने और इसमें आग लगाने पर भी संज्ञान लिया है। समिति ने मौके पर जाकर जांच की और रिपोर्ट जम्मू स्थित मुख्य कार्यालय को सौंप दी है। रिपोर्ट में साफ शब्दों में कहा गया कि कूड़े में आग लगाई गई है, जिसकी वजह से प्रदूषण फैल रहा है।
संभव है कि अब प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर नगर परिषद पर कार्रवाई हो, क्योंकि नगर परिषद की ओर से ही रावी किनारे बनाए गए डंपिंग साइट पर कूड़ा फेंका जाता है। शहर से रोजाना करीब 15 टन कूड़ा खुले में फेंक कर उसमें आग लगाई जा रही है, जोकि प्रदूषण को बढ़ावा दे रहा है। यहीं नहीं, कूड़े में दिनभर मवेशी खाने की तलाश में मुंह मारते रहते हैं।
