जागरण संवाददाता, कठुआ : दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे के लिए टेंडर जारी होते ही अब जम्मू कश्मीर को देश के अन्य राज्यों से जोड़ने वाले मौजूदा एकमात्र फोरलेन हाईवे को सिक्स लेन बनाने यानि विस्तारीकरण का कार्य भी तेजी से शुरू हो गया है। लखनपुर से जम्मू तक बनने वाले सिक्स लेन हाईवे के किनारे बड़े पैमाने पर पहले से हुए अतिक्रमण को तोड़ने का कार्य शुरू हो गया है। इसके कारण विस्तारीकरण की जद में आने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।

दरअसल, विस्तारीकरण कार्य के बीच आने वाले अतिक्रमण को जेसीबी से हटाया जा रहा है। कूटा मोड़ से लेकर हीरानगर व दियालाचक में सिक्स लेन का कार्य शुरू करने से पहले अथारिटी अतिक्रमण हटाने में लगी है। इसके बाद चडवाल, छन्न रोड़ियां, राजबाग, कठुआ, हटली मोड़ एवं लखनपुर आदि में भी हटाया जाएगा। हालांकि, पल्ली मोड़ के पास तो दो माह पहले से ही बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाकर निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। अभी सिक्स लेन का कार्य शुरू हुआ है, जो हाईवे अथारिटी सिर्फ अपनी भूमि पर करा रही है, जो कई सालों से अतिक्रमण की जद में थी, उसे खाली किया जा रहा ताकि निर्माण कार्य शुरू होने से कोई रुकावट न आए। इससे सैकड़ों की संख्या में अतिक्रमण हटेंगे और साथ ही दुकानदारों की दुकानों के आगे का हिस्सा पहले जैसे समतल नहीं रहेगा, क्योंकि लगभग सभी दुकानदारों ने अपने हिसाब व सुविधा के अनुसार हाईवे की भूमि पर दुकानों के आगे सीढि़यां व प्लेटफार्म तैयार कर लिए थे, इसमें अस्थायी व स्थायी निर्माण भी शामिल हैं जो अब हटाए जाएंगे।

वहीं, अगले कई सालों तक जारी इस निर्माण से दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित रहेगा। अभी तो सिर्फ सिक्स लेन का कार्य शुरू हुआ है। इसके बाद दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे का भी जल्द निर्माण शुरू होने जा रहा है। इससे दुकानदार ज्यादा प्रभावित होंगे। हालांकि, नये एक्सप्रेस का रूट पूरी तरह से मौजूदा हाईवे के साथ न होकर कहीं-कहीं है, इसके लिए हाईवे अथारिटी ने और भूमि अधिग्रहण की है, जिसकी अधिसूचना जारी हो चुकी है, लेकिन अभी मुआवजे का वितरण किया जाना है। नए एक्सप्रेस-वे से सबसे ज्यादा प्रभावित चड़वाल, छन्न रोड़ियां, राजबाग, कूटा आदि प्रभावित होंगे। लखनपुर से लेकर सकताचक मौजूदा हाईवे के साथ के साथ नए एक्सप्रेस-वे का रूट नहीं है, उसका पठानकोट से पास अमृतसर मार्ग से आते हुए सीधा किड़ियां गंडयाल है, लेकिन वहां पर किसानों की ज्यादातर कृषि योग्य भूमि ली गई है, जिसका मुआवजा अभी दिया जाना है। इस मार्ग का निर्माण वर्ष 2024 में पूरा किया जाना है। ऐसे में अगले दो तीन साल हाईवे के किनारे व्यवसाय करने वाले या वहां अन्य गतिविधियां चलाने वाले लोग प्रभावित रहेंगे। दो मार्गों के निर्माण एक साथ शुरू होने से उथल पुथल का माहौल रहेगा।

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