संवाद सहयोगी, कठुआ: दीपावली को लेकर शहर के बाजार गुलजार हैं। बाजार में कपड़े, इलेक्ट्रानिक्स, ऑटो मोबाइल, बर्तन के साथ मिट्टी के दीपक और पटाखे की दुकाने सजनी शुरू हो गई। दुकानदारों को उम्मीद है कि इस बार कारोबार गत वर्ष की अपेक्षा बेहतर रहेगा।

गौर हो कि त्योहारों के इस सीजन में एक बाद एक आ रहे पर्व के कारण शहर के बाजार कई दिनों से गुलजार बने हुए है, क्योंकि चैत्र नवरात्र के साथ शुरू हुए त्योहारों की रौनक हाल के दिनों में करवाचौथ के कारण बनी रही। अब दुकानदार दीपावली की तैयारी में जुट गए है। इसके कारण पटाखे की दुकाने भी सजनी शुरू हो गई। सबसे ज्यादा तैयारी मिट्टी के दीपक और पटाखे की दुकाने लगाने वाले दुकानदार कर रहे हैं।

शहर के आंबेडकर पुल के पास मिट्टी के बर्तन बेचने वाले सोमराज का कहना है कि बाजार में अन्य समानों की दुकानों पर साल भर ग्राहक रहते हैं, लेकिन उनकी दुकान पर कुछ खास मौके पर ही ज्यादा लोग आते हैं। इसमें दीवाली का त्योहार सबसे अहम है। उनका कहना है कि चीन में बनी जगमगाती लाइटों के बाजार में आ जाने से परंपरागत मिट्टी के दीपकों से दूर हो चुके समाज में पिछले दो सालों से मिंट्टी के दीपक को लेकर रुझान बढ़ा है। इसी कारण शहर के सभी दुकानदारों में उत्साह है।

उन्होंने खुद से बनाए मिट्टी के दीपक तो रखे ही हैं। साथ ही देश के अन्य हिस्सों से आने वाले तैयार दीपकों से भी अपनी दुकानें सजाई है। इसके अलावा पिछले कुछ सालों से शहर में अन्य राज्यों से आए लोगों की तरह आम लोग भी पूजन के लिए मिट्टी से बने भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की मूíतयों को खरीदने का प्रचलन बढ़ा है, जिसे देखते हुए उन्होंने अपनी दुकान पर उन्हें सजा रखा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पिछले दो सालों से ग्राहकों का स्वदेशी वस्तुओं में जो रुझान बढ़ा है, वह इस वर्ष भी कायम रहेगा। भले ही प्रशासन द्वारा शहर में पटाखों की बिक्री को अनुमति नहीं दी है, लेकिन उत्साहित ग्राहक अभी से ही अपने मनपसंद के पटाखे जुटाने के लिए शहर के बाहर बने गोदामों का रुख करना शुरू कर दिया है। इसके कारण वहां भी दिन भर रौनक बनी रहती है।

Posted By: Jagran

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