संवाद सहयोगी, रामकोट : क्षेत्र में तेंदुओं की सरगर्मियां दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं। पिछले माह 11 नवंबर की शाम के समय गुलगेड़ा-मकवाल के 17 वर्षीय नाबालिग का तेंदूए द्वारा शिकार करने के बाद से वन्य जीव विभाग के कर्मचारियों द्वारा क्षेत्र में सात पिजरे लगाए जाने के बावजूद अभी तक एक भी तेंदुआ पकड़ में नहीं आया।

स्थानीय लोगों के अनुसार तेंदुआ कहीं न कहीं अपनी उपस्थित दर्शा रहा है। बीते वीरवार की रात तेंदुए ने सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल छलां के अहाते में तीन चार चक्कर लगाए। स्कूल के कर्मचारियों ने आंखों देखा हाल सुनाते हुए कहा कि रात 8 से 9 बजे तक तेंदुआ बेधड़क ग्राउंड में घूमता रहा। गनीमत यह रही कि स्टाफ के सभी सदस्य इमारत के अंदर ही मौजूद रहे। वहीं विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रोजाना शिकारियों को साथ लेकर घात लगाए रहते हैं, परंतु तेंदुआ भी अपना ठिकाना बदलने में देर नहीं लगाता। इस बीच शिकारियों ने बूल की धार पहाड़ी पर एक तेंदुए को निशाना बनाया, परन्तु तेंदुआ घायल होने के बावजूद झाड़ियों में छिपने में कामयाब हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार तेंदुआ रोज रात के समय मंडराता है, जिस कारण लोग अंधेरे में बाहर निकलना महफूज नहीं समझते।

Posted By: Jagran

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