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जम्मू-कश्मीर के किसान सीखेंगे आधुनिक बागवानी, हीरानगर से 120 किसानों का अध्ययन दल रवाना

Published: Wed, 30 Sep 2026 03:03 PM (GMT+05:30)

कठुआ के हीरानगर से 120 किसानों का एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण दल रवाना किया गया। इसका उद्देश्य किसानों ...और पढ़ें

कठुआ के 120 किसानों ने सीखीं आधुनिक बागवानी की नई तकनीकें (जागरण फोटो)

कठुआ के 120 किसानों ने सीखीं आधुनिक बागवानी की नई तकनीकें (जागरण फोटो)

HighLights

  1. 120 किसानों का बागवानी प्रशिक्षण दल रवाना।

  2. आधुनिक बागवानी तकनीकों और वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी।

  3. गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री व टिकाऊ खेती पर जोर।

जागरण संवाददाता, कठुआ। केंद्र प्रायोजित योजना के तहत बागवानी के समग्र विकास के लिए बुधवार को हीरानगर से किसानों के एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं अध्ययन भ्रमण दल को एसडीएम हीरानगर फुलैल सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर हीरानगर, बरनोटी और कठुआ के बागवानी विकास अधिकारी तथा विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।भ्रमण में हीरानगर, बरनोटी और कठुआ क्षेत्र से 40-40 किसानों सहित कुल 120 किसान भाग ले रहे हैं।

भ्रमण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों, वैज्ञानिक तरीके से बागों के प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तथा टिकाऊ खेती के तरीकों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाना है। भ्रमण के दौरान किसान आरएस पुरा के चकरोई स्थित सरकारी मेगा फल पौधशाला का दौरा करेंगे।

यहां किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री तैयार करने, वैज्ञानिक तरीके से पौधशाला के प्रबंधन और नए फलदार बाग लगाने की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।

इसके बाद किसान शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू के चट्ठा स्थित जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र का दौरा करेंगे। यहां विशेषज्ञ किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के विभिन्न तरीकों तथा बागवानी उत्पादन में इनके उपयोग के बारे में जानकारी देंगे।

दल को रवाना करते हुए एसडीएम फुलैल सिंह ने किसानों से प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग लेने और विशेषज्ञों से अधिक से अधिक व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराने और खेती-बागवानी में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने में सहायक साबित होते हैं। इस दौरान तीनों क्षेत्रों के बागवानी विकास अधिकारियों और संबंधित विभागीय कर्मचारियों ने किसानों के साथ रहकर पूरे भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग किया।