संवाद सहयोगी, कठुआ:

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आकस्मिक निधन पर जिला के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक जताया है। रविवार को आयोजित शोक सभा में कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को पार्टी के लिए गहरी क्षति बताते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

शोकसभा के दौरान काग्रेस के वरिष्ठ नेता पंकज डोगरा ने कहा कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन से उनकी पार्टी ने अपना एक दिग्गज नेता खोया है क्योंकि जिस प्रकार उन्होंने दिल्ली में मुख्यमंत्री रहते हुए अपने 15 साल के कार्यकाल में राजधानी के विकास के साथ पार्टी की मजबूती के लिए काम किया उसकी कमी पार्टी को खलेगी। उन्होंने काग्रेस पार्टी के लिए अपना पूरा जीवन जिस प्रकार से समर्पित किया उससे कांग्रेस की नई पीढ़ी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। इस बीच काग्रेस नेता निर्दोष शर्मा ने कहा कि वरिष्ठ काग्रेसी नेत्री और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने लगातार तीन बार राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रही जो कि उनके आम जनता के हित की राजनीति करने का परिणाम रहा है। उन्होंने कहा कि 81 साल की उम्र में शीला दीक्षित का निधन हुआ है और शीला दीक्षित वर्तमान में दिल्ली काग्रेस की अध्यक्ष थी और काफी लंबे समय से बीमार होने के बावजूद वह लगातार राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय रही। जो कि उनकी कर्मठता का उदाहरण है। 15 साल तक लगातार दिल्ली की सीएम रही शीला दीक्षित को पूरा भारत देश याद रखेगा।

शोकसभा में अनिल शर्मा, परमजीत पम्मा, नीटू सिंह, पवन सहित अन्य काग्रेसी नेता मौजूद रहे।

Posted By: Jagran