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ऑनलाइन दवा बिक्री से तबाह हो रहे लोकल केमिस्ट, भारी छूट और नकली दवाओं के खिलाफ कठुआ में एक दिन की हड़ताल

By Ajay Kumar Edited By: Rahul Sharma
Published: Wed, 20 May 2026 06:02 PM (IST)

कठुआ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री और नकली दवाओं के विरोध में एक दिवसीय हड़ताल की। उन्होंने ...और पढ़ें

ग्राहकों की शिकायतें बढ़ीं तो सड़क पर उतरे कठुआ के दवा विक्रेता।

ग्राहकों की शिकायतें बढ़ीं तो सड़क पर उतरे कठुआ के दवा विक्रेता

HighLights

  1. कठुआ केमिस्टों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ हड़ताल की।

  2. नकली दवाओं और भारी छूट से स्थानीय कारोबार प्रभावित।

  3. सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की मांग।

जागरण संवाददाता, कठुआ। कठुआ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले बुधवार शहीदी चौक पर जमा होकर दवाई विक्रेताओं ने ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध में एक दिन की हड़ताल कर अपना रोष जताया। इस दौरान शहर भर में कई मेडिकल स्टोर बंद रहे।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए संगठन के उपाध्यक्ष डाक्टर विशाल मलागर ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारी छूट देकर दवाइयां बेची जा रही हैं। जिससे स्थानीय केमिस्ट दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि ऑनलाइन मिलने वाली कई दवाइयां फर्जी या घटिया गुणवत्ता की होती हैं, जिसकी शिकायतें ग्राहकों द्वारा समय-समय पर मिलती रही हैं।

केमिस्ट दुकानों पर हर दवा का पूरा रिकॉर्ड

उन्होंने कहा कि कई बार देशभर में मिलावटी और नकली दवाइयों की फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं, जिससे ऑनलाइन दवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। डाक्टर मलागर ने बताया कि केमिस्ट दुकानों पर हर दवा का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है और ड्रग इंस्पेक्टर कभी भी जांच कर सकता है, लेकिन ऑनलाइन दवाओं के मामले में इस तरह की कोई स्पष्ट निगरानी व्यवस्था नजर नहीं आती।

उन्होंने विशेष रूप से शेड्यूल-एच और नारकोटिक्स दवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन दवाओं के लिए सख्त रिकॉर्ड मेंटेन करना अनिवार्य होता है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए या फिर इसके लिए कड़े नियम और निगरानी तंत्र लागू किया जाए।

वहीं दुकानों के बंद होने से शहर में दवा खरीदने वाले खासे परेशान दिखे। लोगों को सरकारी अस्पतालों में खुली दुकानों का रुख करना पड़ा। एसोसिएशन ने साफ कहा कि यदि सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में दुकानों को तब तक नहीं खोला जाएगा। जब तक कि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया।