जागरण संवाददाता, कठुआ: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि आबादी के लिहाज से जम्मू कश्मीर के विकास के लिए केंद्र सरकार अन्य राज्यों की तुलना में सात से आठ गुना अधिक फंड देती रही है। यह सिलसिला पिछले तीन वर्षो से नहीं, बल्कि लंबे समय से है। उन्होंने कहा कि वह जिस भी कार्यक्रम में जाते हैं, वहां लोगों की समस्याओं की फेरहिस्त लंबी होती है।

उपराज्यपाल ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष का बजट 1.87 लाख करोड़ का है। गत वित्तीय वर्ष एक लाख करोड़ और उससे पहले 90 हजार करोड़ रुपये का था। इसके मुकाबले उत्तर प्रदेश की बात करें तो वहां की कुल आबादी 25 करोड़ और बजट पांच लाख करोड़ रुपये है। इसी तरह बिहार की आबादी 11 करोड़ और बजट दो लाख करोड़ रुपये है। जम्मू कश्मीर की आबादी मात्र 1.30 करोड़ है। इतना भारी भरकम बजट मिलता रहने के बावजूद जम्मू कश्मीर में कई समस्याओं का आज तक समाधान नहीं हो पाया। ये सब विरासत में मिली हैं। कठुआ में ब्लाक दिवस पर बुधवार को जनता दरबार में उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में विकास के साथ-साथ जनकल्याण के लिए जारी योजनाओं में भी कई प्राथमिकताएं केंद्र सरकार द्वारा दी गई हैं।

जैसे प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जबकि यह एक हजार आबादी को सुविधा मिलती थी, लेकिन यहां पर 500 आबादी को भी यह सुविधा दी गई। हालांकि, अब जब पूरे देश में 500 आबादी की सीमा तय कर दी गई है, तो जम्मू कश्मीर में 250 की आबादी वाले गांवों में भी इस योजना के तहत सड़क पहुंचाई जा रही है। सिर्फ 973 गांव ही सड़क से वंचित उपराज्यपाल ने बताया कि जम्मू कश्मीर में अब सिर्फ 973 गांव ही सड़क सुविधा से वंचित रह गए हैं। वहां भी जल्द ही सड़क सुविधा मुहैया करा दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले के दौरान लापता हुए जम्मू के सीआरपीएफ के जवान की रिहाई के सवाल पर कहा कि उसकी रिहाई के लिए क्या किया जा रहा है, ये सार्वजनिक नहीं बताया जा सकता है। गृह मंत्रालय इसके लिए लगातार प्रयासरत है। उम्मीद है कि जल्द सकुशल घर वापस आ जाएगा।

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