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नशे और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किसी सूरत में बर्दाशत नहीं साक्षात्कार बिलावर के पहले सब डिवीजनल पुलिस आफिसर शिवेंद्र सिंह जम्वाल से। जिनका कहना है कि बिलावर नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस हर प्रयास कर रही है। जिनके साथ विशेष बातचीत की जागरण के बिलावर संवाद सहयोगी करूण शर्मा ने ।

बिलावर के पहले भी आप इसी क्षेत्र में एसडीपीओ है आप

- बिलावर में उनकी नियुक्ति नवगठित एसडीपीओ की पोस्ट पर हुई। उन्हें बिलावर उपजिला का पहला एसडीपीओ बनाने का गौरव मिला। इससे पहले वह बसोहली के एसडीपीओ है। इसके चलते बिलावर में काम करने का अनुभव उन्हें पहले से ही था। क्योंकि बिलावर पहले बसोहली सब डिवीजन का हिस्सा था। बिलावर सुरक्षा दृष्टि से कैसा क्षेत्र है

-एसडीपीओ बिलावर के अधीन बिलावर और मल्हार पुलिस थाना आते हैं, जिसमें रामकोट पुलिस चौकी भी है जबकि मल्हार पुलिस थाने के अधीन किंडली, बदनोता और सदरोता आउट पोस्ट आते हैं। तो बिलावर थाने के अधीन धार डुग्गनू , लुडेरा , कोहग , डुग्गैनी , सारला , सुकराला देवी और बाला सुंदरी आउट पोस्ट आते हैं। यहा मशेडी एसटीएफ पोस्ट हैं। यहा अपराध अधिक नहीं जो क्राइम है वह माइनर कैटेगिरी में है। सबसे ज्यादा सड़क हादसों के केस होते हैं जिससे अधिक जाने जाती हैं।

थानों में नफरी की क्या स्थिति है?

-थानों में नफरी की स्वीकृत से कम ही है।

बिलावर में क्राइम कौन सा है?

उ: बिलावर में अधिकतर क्राइम सड़क दुर्घटनाएं और माइनर क्राइम है।

यहा बड़े शहरों की तुलना में क्राइम न के बराबर है।

नशीले पदार्थो की तस्करी?

-लखनपुर या कठुआ की तुलना में बिलावर में मादक पदार्थ की बिक्री बहुत कम है। यहा पुलिस पब्लिक मीटिंगों में स्कूलों, कालेजों के पास नशे के बिक्री की बात होती है। इसके लिए पुलिस पार्टिया व सिविल में हमारे लोग स्कूल कॉलेज के पास तैनात रहते हैं। जो हर संदिग्ध गतिविधि वाले व्यक्ति पर नजर रखे हुए होते हैं। सिविक एक्शन प्रोग्राम में युवाओं के लिए जिम खोलने, खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर उनकी एनर्जी के सही दिशा देने के प्रयास होते हैं।

एक जमाने में आतंकवाद से ग्रस्त था मल्हार, अब क्या स्थिति

मौजूदा समय में पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ की मदद से बिलावर से आतंकवाद की लगभग कमर ही तोड़ दी है। यहा से कुछ युवक आतंकवाद के चक्कर में पाक गए हैं, वह वहा पर ही घर बसा चुके हैं। बिलावर में पिछले दस सालों से कोई भी आतंकी गतिविधि नहीं हुई है। जिससे लगता है आतंकवाद साइलेंट मोड पर चला गया है।

पिछले दिनों देवल में कुछ युवकों के झगडे़ के बाद उपजे विवाद से हालात नाजुक हो गए थे। कुछ शरारती लोग इसे सांप्रदायिक रंग देने में तुले हुए थे?

-मई महीने में लियाकत की हत्या के बाद सांप्रदायिक सौहार्द बनाने के लिए बिलावर की जनता ने आसपी भाईचारे की जो मिसाल पेश की। उसको वह सलाम करते हैं। यहा प्रशासन ने अपनी ड्यूटी की लेकिन बिलावर के हिंदू मुसलिम दोनों ने उन शरारती तत्वों के नापाक इरादों को अपने भाईचारे से जो तमाचा मारा है। जो बिलावर के माहौल को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस पीसीपीजीएम कर जनता के बाद बैठक करती है। ताकि जनता और पुलिस में संबंधों को बेहतर बनाया जाए।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले पर सख्त है पुलिस

-ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाशत नहीं होगे। बिलावर में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल पंपों से पेट्रोल नहीं मिलेगा। क्योंकि अधिकतर सड़क हादसों में दोपहिया वाहन चालकों की मौत हेलमेट न पहनने के कारण होती है। यहा एसएसपी कठुआ के इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाए।

कानून को सख्ती से पालन करना होगा?

-यहा मिनीबस और ट्रैक्टर चालकों को अब कानून को मानना ही होगा। किसी को म्यूजिक सिस्टम लगाने का कोई आदेश नहीं। नियम तोड़ने वालों पर पुलिस सख्त। अमरनाथ यात्रा को लेकर कोई विशेष प्रबंध

-अमरनाथ यात्रा को लेकर पुलिस द्वारा रामकोट के छलां विशेष पुलिस जवानों की नियुक्त की गई है। जो अमरनाथ यात्रियों के मदद के लिए हर समय तैनात होंगे।

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