जम्मू: हीरानगर में बारिश बनी आफत! नदी-नाले उफने, सड़कों पर जलभराव; धान के खेतों में घुसा पानी
जम्मू-कश्मीर के हीरानगर में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया और आवाजाही प्रभावित ...और पढ़ें
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डिंगा अंब बी पंचायत क्षेत्र में तरनाह नाला पार करते लोग।
HighLights
हीरानगर में लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा।
धान के खेतों में बाढ़ का पानी घुसने से फसलें खराब।
सड़कों पर जलभराव और कटाव से आवाजाही में बाधा।
जागरण संवाददाता, हीरानगर। जम्मू-कश्मीर में मंगलवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण हीरानगर उपमंडल में जनजीवन प्रभावित हो गया है। लगातार बारिश के चलते क्षेत्र के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में लोगों की आवाजाही पर असर पड़ा है। खासकर तरनाह नाला और कूटा क्षेत्र से गुजरने वाले बेला नाले में पानी का बहाव तेज होने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सैडा और डिंगा अंब-बी पंचायत के लोगों को नालों में तेज बहाव के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान नालों का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से आवागमन करना जोखिम भरा हो जाता है। कई बार लोगों को पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे स्कूली बच्चों, किसानों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी
उधर, राष्ट्रीय राजमार्ग पर हीरानगर मोड़, चडवाल और कूटा के पास सड़क पर बने गड्ढों में बारिश का पानी जमा हो गया, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। पानी जमा होने के कारण कई जगह सड़क पर गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल रहा और वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में चकडा, चकभगवाना, मनियारी, बलासा खू सहित कई संपर्क मार्गों पर भी पानी जमा रहने से आवाजाही प्रभावित रही।
धान के खेतों में घुसा बाढ़ का पानी
मनियारी और गंगू चक के बीच बहने वाले छोटे नाले में बारिश के कारण बाढ़ का पानी आसपास के धान के खेतों में घुस गया। खेतों में पानी के साथ रेत और मिट्टी भी जमा हो गई, जिससे धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि धान की फसल इस समय महत्वपूर्ण अवस्था में है और यदि इसी तरह बारिश जारी रही तो खेतों में जलभराव से फसल को और नुकसान हो सकता है।
किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी
लगातार बारिश से अब किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। पहले से ही कई स्थानों पर जलभराव और नालों के कटाव की समस्या बनी हुई है, वहीं बारिश के कारण खेतों तक पानी पहुंचने से फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर नुकसान का आकलन करने तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।
सड़क के किनारे कटाव
बारिश का सबसे अधिक असर पहले से क्षतिग्रस्त सड़कों पर देखने को मिला। कई ग्रामीण संपर्क मार्गों पर जगह-जगह पानी जमा होने के साथ सड़क के किनारे कटाव भी हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन सड़कों की मरम्मत नहीं की गई तो लगातार बारिश के कारण इनकी हालत और खराब हो सकती है। कुल मिलाकर, लगातार बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं नालों में बढ़ते जलस्तर, जलभराव, खराब सड़कों और खेतों में घुसे पानी ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
