जागरण संवाददाता, कठुआ : बारिश के जारी रहते बाबा बर्फानी के भक्तों का उत्साह और बढ़ता जा रहा है। बारिश से मौसम बिगड़ने की आशंका या फिर राज्य के हालात से बेखबर भोले बाबा के भक्त देश के विभिन्न राज्यों से लखनपुर के मार्ग से पहुंच रहे हैं। बीते 48 घंटों में राज्य के मुख्य प्रवेश द्वार लखनपुर से कुल 230 वाहनों से 3975 श्रद्धालुओं ने राज्य में प्रवेश किया। जिससे जिला का मुख्य द्वार पूरी तरह से बाबा के भक्तों की रौनक से गुलजार है। वीरवार शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के उज्जैन से पहुंचे बाबा के भक्तों के चेहरों पर अजीब सी खुशी के भाव थे। लखनपुर पहुंचने पर वे अपने आप को अब बाबा के द्वार के नजदीक पहुंचने के लिए भाग्यशाली मान रहे थे, मानों अब बाबा के दर्शन के लिए उनकी बारी आने ही वाली है। शाहजहांपुर के भोला नाथ केसरवानी ने बताया कि बाबा की लीला न्यारी है। उसने अपने द्वार में हमें इस बार बुलाया है। जीवन में उनके लिए इससे बड़ा सौभाग्यशाली दिन कोई और नहीं हो सकता। देवों के देव महादेव के द्वार पर आने से जो अनुभूति होती है, उसे बयां नहीं किया जा सकता है। उनके दर्शन के लिए आने पर किसी किस्म की भय नहीं रहता है। अब उस राज्य में पहुंच गए हैं, जहां पर बाबा का द्वार है। उन्हें कब बाबा बर्फानी के दर्शन हों, इसके लिए बेताबी बढ़ती जा रही है। लखनपुर में भक्तों की सुविधा व स्वागत के लिए तैनात कठुआ से सिविल डिफेंस के कार्यकर्ताओं की टीम ने उज्जैन से आए भक्तों को यात्रा मार्ग पर किसी भी आपदा या खराब मौसम से बचने के लिए अहम जानकारी देकर जागरूक किया और उन्हें सुरक्षित यात्रा के टिप्स भी बताए। लखनपुर में यात्रियों के स्वागत के लिए बनाए गए रिसेप्शन सेंटर में अपना नाम दर्ज कराने के बाद भोले बाबा के भक्त बम-बम भोले की जयघोष करते हुए पवित्र गुफा मार्ग की ओर बढ़ गए।

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लखनपुर में जेके बैंक का एटीएम रहता है अक्सर बंद

कठुआ : बाबा के भक्तों का यात्रा के दौरान हर प्रकार की सुविधा देने के बड़े-बड़े दावे करने वाले सरकारी संस्थान वास्तव में इसके प्रति कितने गंभीर है, इसका उदाहरण राज्य के मुख्य प्रवेश द्वार लखनपुर का रिसेप्शन सेंटर के पास जेके बैंक का एटीएम अक्सर बंद रहने से मिल रहा है। ऐसा नहीं है कि बैंक का एटीएम पूरी तरह से बंद पड़ा है, लेकिन अक्सर बद रहने से वहां के स्थानीय शिकायत करते हैं, हालांकि इसका पूरा लाभ इन दिनों श्री अमरनाथ श्रद्धालुओं को मिलता है, लेकिन उसक बाद भी उसे सुचारु चलाने के लिए न तो बैंक कोई प्रयासरत है और न ही यात्रा प्रबंध करने वाला प्रशासन। यात्रा के दौरान आवश्यक सेवा के दायरे में आनी वाली सुविधा को सुचारु चलाने के लिए प्रशासन को प्रयास करने चाहिए

---- बुधवार शाम 6 से वीरवार सुबह 6 बजे तक पहुंचे श्रद्धालुओं का आंकड़ा पुरुष श्रद्धालु- 529

महिला श्रद्धालु-211

बच्चे------16

साधु-------3

कुल श्रद्धालु--759 बसें------8

हल्के वाहन-32

ट्रक------1

कुल वाहन-41 ---

वीरवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पहुंचे श्रद्धालुओं का आंकड़ा पुरुष श्रद्धालु- 601

महिला श्रद्धालु-240

बच्चे------30

साधु-------0

कुल श्रद्धालु--871 बसें------12

हल्के वाहन-37

ट्रक-----

कुल वाहन-49

Posted By: Jagran