जम्मू, जागरण संवाददाता : बरसात अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई है कि शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या होने लगी है। रविवार की सुबह करीब दो घंटे की वर्षा से शहर के वार्ड नंबर 40 और 41 के दो मुहल्लों में नहर और नाले का पानी ओवरफ्लो होकर लोगों के घरों और झुग्गियों में घुस गया। इससे लोगों को काफी नुकसान झेलना पड़ा। रविवार तड़के से जारी वर्षा के चलते कबीर कालोनी के वजीर लेन और आसपास के मुहल्लों में भी नाले का पानी चढ़ गया। यहां बहने वाली नहर में वर्षा के चलते आसपास के नाले का पानी भी आ गया। दो-तीन स्थानों पर सुरक्षादीवार क्षतिग्रस्त होने के चलते यहां से पानी मुहल्लों की गलियों से होते हुए मुहल्ले में जा घुसा।

करीब 60 घरों और झुग्गियों को इस कारण नुकसान झेलना पड़ा। गनीमत यह हुआ कि बारिश थम गई आैर जलस्तर कम होता चला गया। स्थानीय निवासी उमेश, राजू ने बताया कि साथ लगते नहर न नाले का रूप ले लिया और पानी नालियों व गलियों से होते हुए मुहल्ले में जमा हो गया अौर फिर घरों में आ घुसा। झुग्गियों में प्रवासी व कबाड़ी रहते थे। उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ा। वहीं घरों में लोगों को काफी नुकसान हुआ। लोगों ने प्रशासन से नाले का निर्माण करने के साथ हुए राहत प्रदान करने की भी मांग की। लोग शाम तक घरों की सफाई में जुटे रहे क्योंकि नाले के पानी के गंदगी घरों के अंदर तक घुस गई। कइयों के बिस्तर तक गीले हो गए।

वार्ड नंबर 40 व 41 के रहने वालों ने गली में बढ़ते पानी को देखकर हाथ-पांव मारना तो शुरू किए लेकिन पता नहीं था कि पानी घरों में घुस आया। लिहाजा बहुत कम सामान ही संभाला जा सका। अधिकतर सामान पानी-पानी हो गया। किचन में रखा राशन, कपड़े, फर्नीचर पानी से बुरी तरह भीग गया। कुछ घरों में आटा-चावल भी नहीं बचे। सुरेंद्र ने बताया कि अचानक पानी आने के कारण समझ ही नहीं आया कि कौन सा सामान संभाला जाए। लिहाजा काफी सामान पानी से भीग गया। दोपहर बाद लोगों ने धूप निकलने पर इन्हें सुखाया।

पूर्व मंत्री और कारपोरेटर मौके पर पहुंचे : पूर्व मंत्री सत शर्मा कारपोरेटर संजय बडू और सुच्चा सिंह को साथ लेकर सूचना मिलते ही क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने निगम के चीफ ट्रांसपोर्ट आफिसर समेत अन्य स्टाफ को भी मौके पर बुलाया। यहां लोगों की समस्या सुनने के साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फौरन काम शुरू कर लोगों को राहत पहुंचाएं। नगर निगम की ओर से फौरन जेसीबी मशीन मंगवाई गई और क्षतिग्रस्त हुए नाले की सफाई का काम किया गया। यहां नहर-नाले के ढहे किनारों के लिए भी बचाव कार्य किया गया ताकि दोबारा बारिश की सूरत में यहां से दोबारा जलभराव न हो। कारपाेरेटरों ने नालों की हालत देखी और प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया।

कई स्थानों पर उखड़ा तारकोल और दीवारें ढहीं : बरसात की बारिश के साथ ही शहर में कई स्थानों पर सड़कों पर हाल ही में डाली गई तारकोल बह गई तो वहीं सिटी पुलिस स्टेशन व सिविल सचिवालय के नजदीक और पंजतीर्थ सिद्धड़ा मार्ग पर सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त गई। रविवार रात से जारी बारिश के बीच पंजतीर्थी सिद्धड़ा मार्ग पर दो स्थानों पर सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवारें आंशिक क्षतिग्रस्त हुई। एक स्थान पर तो मलबे के साथ पत्थर सड़क पर आ जाने के कारण थोड़ी देर के लिए यातायात अवरुद्ध हुआ। बसों के कंडक्टरों व लोगों ने स्वयं इन पत्थरों को हटाया। तब जाकर आवाजाही सुचारू हुई।

ऐसे ही जामवंत गुफा के नजदीक भी एक स्थान पर जमीन का कुछ हिस्सा धंस गया। वहीं सिविल सचिवालय के नजदीक एक स्थान पर दीवार टूट गई तो एक स्थान पर सड़क का किनारा धंस जाने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश के चलते शहर के गुज्जर नगर पुल पर डाली गई तारकोल उखड़ गई। वहीं सतवारी मार्ग पर भी दो स्थानों पर बारिश के बाद सड़क पर गड्ढे पड़ गए और तारकोल बह गई। ऐसे ही बेलीचराना मार्ग पर पिछले हफ्ते डाली गई तारकोल भी कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गई। यह हालत तब है जब बरसात शुरू ही हुई है। जम्मू शहर के विभिन्न इलाकों में पिछले एक महीने में तारकोल डालने का काम पूरा किया गया है।

Edited By: Lokesh Chandra Mishra