आर्थिक तंगी को मात देकर UPSC में पाई थी 89वीं रैंक, अब लद्दाख के नए DGP बने IPS आनंद जैन; पढ़ें सक्सेस स्टोरी
IPS आनंद जैन ने केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाला लिया है।

लद्दाख के नए डीजीपी आनंद जैन (जागरण फाइल)
HighLights
IPS आनंद जैन ने लद्दाख के नए पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाला
उन्होंने आर्थिक तंगी के बावजूद यूपीएससी में 89वीं रैंक पाई
जैन को पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई सम्मान मिले
डिजिटल डेस्क, जम्मू। केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के पुलिस महानिदेशक के रूप में 1999 बैच के आईपीएस आनंद जैन ने चार्ज संभाल लिया है। जम्मू कश्मीर सशस्त्र पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक आनंद जैन को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गए सोमवार को केंद्र शासित लद्दाख प्रदेश का महानिदेशक नियुक्त किया था।
साल 1999 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अफसर आनंद जैन ने केके शर्मा (वर्ष 2012 बैचश् एजीएमयूटी कैडर ) का स्थान लिया है। केके शर्मा लद्दाख के पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार 22 मई 2026 को लद्दाख के तत्कालीन डीजीपी मुकेश सिंह को मणिपुर का ट्रांसफर किए जाने के बाद सौंपा गया था। मुकेश सिंह को मणिपुर पुलिस महानिदेशक के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
कौन हैं आनंद जैन?
सीनियर आईपीएस अधिकारी आनंद जैन मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। आनंद जैन एसपी ईस्ट श्रीनगर, एसएसपी जम्मू, डीआइजी राजौरी पुंछ के अलावा निदेशक सतर्कता आयोग, निदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जम्मू कश्मीर और जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस बल के महानिदेशक समेत जम्मू-कश्मीर में विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी योग्यता, वीरता और कार्यकुशलता का परिचय दे चुके हैं। उन्हें पुलिस सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुलिस पदक (वीरता),पुलिस पदक (मेधावी सेवा),राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा) समेत कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
एमपी से हैं आनंद जैन
मध्यप्रदेश से ताल्लुक रखने वाले आईपीएस अफसर आनंद जैन ने 12वीं तक की पढ़ाई बुरहानपुर के नेहरू मांटेसरी स्कूल से की इसके बाद उन्होंने रायपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने साल 1995 में यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली का रुख किया।
दिल्ली में रहकर आनंद जैन ने यूपीएससी की तैयारी के साथ इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री भी हासिल की। इस दौरान उन्हें आर्थिक और अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि दिल्ली में रहने और कोचिंग की फीस का खर्च काफी ज्यादा था। इसी संघर्ष के बीच वर्ष 1999 में उनका चयन पुलिस सेवा के लिए हो गया।
उन्होंने यूपीएससी- सिविल सर्विस एग्जाम में 89वीं रैंक हासिल की थी। आनंद जैन की विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें लद्दाख में गवर्नेंस और सिक्योरिटी सिस्टम को बेहतर बनाने, प्रभावी कानून व्यवस्था लागू कराने और जन सुरक्षा को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है।
