जागरण संवाददाता, जम्मू : कश्मीर संभाग के बड़गाम जिले के खाग इलाके में हुए आतंकी हमले में मारे गए बीडीसी चेयरमैन भूपेंद्र सिंह के बेटे बलविदर सिंह बीएड के छात्र हैं। उन्होंने सरकार से इंसाफ की गुहार लगाई है। बलविंदर ने बताया कि उनके पिता ने बड़गाम में वर्ष 2018 में सरपंच का चुनाव जीता था। इसके बाद बीते वर्ष वे बीडीसी चेयरमैन चुने गए। इलाके में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए कई राजनीतिक दलों ने उन्हें अपने साथ लेने का प्रयास किया, लेकिन वे अपना काम करते रहे। उनको पहले भी कई बार आतंकी धमकियां दे चुके थे। कश्मीर में पंचों-सरपंचों पर आतंकी हमलों के बाद सरकार ने भूपेंद्र सिंह को 15 अगस्त को दो अंगरक्षक दिए थे। बलविदर सिंह कहना था कि उसे लोगों ने बताया कि उसके पिता ने हमले से पहले दोनों अंगरक्षकों को स्थानीय पुलिस थाने में छोड़ दिया था और स्वयं अपने पुश्तैनी घर में चले गए थे। वह चाहता है कि सरकार इसकी निष्पक्ष जांच करवाए और दोषियों को कठोर सजा दी जाए।

घाटी में आतंकी घटनाएं बढ़ने पर 1990 में परिवार को जम्मू लाए

घाटी में हुई आतंकी घटनाओं के बाद वर्ष 1990 में भूपेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ कश्मीर के दलवाश गांव से जम्मू आए थे और उन्होंने सैनिक कॉलोनी में मकान बना लिया था। जम्मू में मकान बनाने के बावजूद भूपेंद्र सिंह कश्मीर घाटी में ही रहना पसंद करते थे। जम्मू में उनके तीनों बच्चे और पत्नी रहते थे। उन्होंने अपने परिवार वालों से कहा कि वे जम्मू में सुरक्षित हैं। अब वे अपने पुश्तैनी गांव में रहने वाले लोगों के लिए काम करना चाहते हैं। परिवार ने उनको कश्मीर जाने से बहुत रोका, लेकिन वे नहीं माने।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस