जम्मू, जागरण संवाददाता : स्टोन क्रशर्स ओनर्स एसोसिएशन ने हाईकोर्ट की ओर से स्टोन क्रशर मालिकों को किए गए जुर्माने को खारिज करने के फैसले का स्वागत किया। साथ ही तवी नदी से खनन पर लगाई गई रोक हटाने की भी मांग की है। जम्मू के पूर्व जिला खनन अधिकारी अंकुर सचेदवा ने स्टोन क्रशरों पर यह जुर्माना लगाया था, जिसको लेकर काफी बवाल भी हुआ था। एसोसिएशन के प्रधान एवं भाजपा के प्रदेश सचिव विक्रम रंधावा ने इसे लेकर कई संगीन आरोप लगाए थे और हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी थी।

अब हाईकोर्ट की ओर से जुर्मानों को खारिज किए जाने पर रंधावा ने अंकुर सचदेवा की कारगुजारी पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि यह साबित हो गया कि उन्होंने जो कहा था, वो सही था। रंधावा ने शुक्रवार को अपने निवास पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने फैसले से साबित हो गया कि अंकुर सचदेवा ने अपने पद का दुरुपयोग किया था और स्टोन क्रशर मालिकों को प्रताड़ित करने के लिए ये मोटे जुर्माने लगाए गए थे। रंधावा ने कहा कि न्यायपालिका उनकी आखिरी उम्मीद थी और विश्वास भी। आज हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है, जिसका वह स्वागत करते हैं।

रंधावा ने कहा कि अंकुर सचदेवा हाईकोर्ट में अपनी कार्रवाई को उचित नहीं ठहरा सके। वो साबित नहीं कर पाए कि उन्होंने किस आधार पर ये जुर्माने लगाए। लिहाजा हाईकोर्ट ने उनके लगाए गए जुर्माने को खारिज कर दिया। तवी नदी से खनन पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग करते हुए रंधावा ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद चोरी छिपे खनन हो रहा है। इससे राजस्व को भी मोटा नुकसान हो रहा है, लिहाजा सरकार को चाहिए कि वो अपनी तरफ से इस प्रतिबंध को हटाने की मांग को लेकर आवेदन दायर करें। इससे चोरी रूकेगी और लोगों को भी वाजिब दाम पर रेत-बजरी व अन्य सामग्री मिल सकेगी। रंधावा ने कहा कि इसके लिए तवी नदी में कुछ स्थानों की निशानदेही करके खनन की अनुमति दी जा सकती है।

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