जम्मू, राहुल शर्मा। हर तरफ बर्फ की चादर और कदम-कदम पर बरसता कुदरत का नूर। कश्मीर घाटी में ज्यों-ज्यों हालात सामान्य हो रहे हैं, प्रकृति के इन शानदार को अपनी यादों में समेटने के लिए पर्यटक लालायित हो रहे हैं। बर्फ की बारिश के बीच जब जिंदगी जमने लगती है तो वादी में जिंदगी ट्रैक पर दौड़ती रहती है। बनिहाल से बारामुला के बीच चलने वाली कश्मीरियों व पर्यटकों की लाइफलाइन डेमू इन तमाम खूबसूरत नजारों की सैर कराते हुए जाती है, वह भी मात्र 30 रुपये में। राज्य के पुनर्गठन के फैसले के करीब 100 दिन बाद श्रीनगर व बारामुला के बीच यह रेलसेवा बहाल हो चुकी है। बनिहाल से श्रीनगर के बीच यह सेवा अगले कुछ दिन में शुरू हो जाएगी।

जम्मू संभाग के बनिहाल से उत्तरी

कश्मीर के बारामुला तक करीब 135 किलोमीटर का जादुई सफर तीन घंटे में तय होता है। यह ट्रेन रेल और बर्फ से ढंके पहाड़, सेब, बादाम के बागानों और गुफाओं के बीच से गुजरती हुई बारामुला तक फेरे लगाती है। बर्फबारी के बीच रेल यात्रा करने वाले पर्यटक इस यात्रा की तुलना यूरोप और रूस से  भी कर चुके हैं। केंद्र सरकार व रेलवे भी पर्यटकों के लिए इस यात्रा को यादगार बनाने के लिए सुविधाओं में इजाफा करने की तैयारी कर रही है। गुजरात से आए पर्यटक ने कहा कि श्रीनगर से बारामुला की यात्रा यादगार रही। ठंड अधिक है। बस ट्रेन में कुछ विशेष बोगी भी अटैच की जानी चाहिए।

 अगले वर्ष देश से जुड़ जाएगी कश्मीर घाटी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रेलवे के अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं कि कश्मीर घाटी को रेल ट्रैक के जोड़ने के प्रोजेक्ट को अगले साल पूरा कर लिया जाए। जम्मू से कश्मीर तक का सफर भी प्राकृतिक नजारों की सैर कराएगा। साथ ही पर्यटकों को इंजीनियरिंग की बेमिसाल तकनीक को भी करीब से देखने का मौका मिलेगा।

कन्याकुमारी से कश्मीर सिंगल टिकट सेवा का इंतजार

रेलवे ने 2015-16 में कन्याकुमारी से कश्मीर सिंगल टिकट सेवा शुरू करने की योजना बनाई थी पर राज्य परिवहन और तत्कालीन राज्य सरकार के रुख के कारण सिरे नहीं चढ़ पाई। इसके तहत ऊधमपुर तक पर्यटक ट्रेन से पहुंचते और वहां से राज्य परिवहन की विशेष बसों में बनिहाल तक ले जाया जाता। बनिहाल से फिर वह ट्रेन में कश्मीर की वादियों का आनंद लेते। तब की सरकार ने र खास उत्साह नहीं दिखाया और मामला सिरे नहीं चढ़ पाया।

ट्रैक पर जल्द दौड़ेगी विस्टाडोम, हो चुका ट्रायल, ट्रेन में हीटिंग सिस्टम भी होगा

इस ट्रैक में पर्यटक कश्मीर की वादियों का दीदार जल्द ही विस्टाडोम (पारदर्शी बोगी) में कर सकेंगे विस्टाडोम का ट्रायल भी हो चुका है लेकिन पूर्व में सुरक्षा चिंताओं के कारण यह आरंभ नहीं हो पाई। रेलवे के डीआरएम राजेश अग्रवाल के अनुसार इसमें पारदर्शी खिडकियां और छत होगी और पर्यटक और भी करीब से वादी की खूबसूरती का दीदार कर सकेंगे। बस तमाम औपचारिकताएं पूरा करने का इंतजार है। इस ट्रेन में हीटिंग सिस्टम भी होगा। चेयर कार वाली इस ट्रेन में पैंट्री कार की सुविधा भी होगी। हां, पर्यटकों को इसका किराया कुछ अधिक चुकाना होगा। सर्दियों में बर्फबारी के साथ बुकिंंग शुरू हो चुकी है।

दिन में 11 फेरे लगाती है यह ट्रेन

जम्मू संभाग के बनिहाल से सबसे पहली ट्रेन सुबह 6.15 बजे के करीब निकलती है और बारामुला तक इसका किराया मात्र 30 रुपये है। यह ट्रेन 13 स्टेशन पर रुकती है। यही नहीं इस रूट का सबसे बड़ा आकर्षण 11.2 किलोमीटर लंबी टनल भी है। ट्रेन से सफर करीब तीन घंटे में पूरा होता है जबकि सड़क मार्ग से यह फासला पांच घंटे में पूरा किया जा सकता है।

 माता वैष्णो देवी आ रहे हैं तो देर न करें, दिखेगा ये खूबसूरत नजारा

 

Posted By: Babita kashyap

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस