जम्मू, जागरण संवाददाता: तवी नदी से अवैध खनन को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह से लेकर कई प्रशासनिक अधिकारियों पर संगीन आरोप लगाने वाले भाजपा के प्रदेश सचिव व पूर्व एमएलसी विक्रम रंधावा ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। रंधावा ने शनिवार को जियोलॉजी एंड माइनिंग विभाग के डीएमओ के सेक्शन आफिसर व ड्राइवर पर वसूली करने के आरोप दोहराते हुए कुछ सबूत भी मीडिया के सामने रखे। रंधावा ने कहा कि जब तक उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की सीबीआई जांच नहीं होती, उनकी यह लड़ाई जारी रहेगी।

विक्रम रंधावा ने शनिवार को अपने निवास पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि डीएमओ अंकुर सचदेवा का सेक्शन आफिसर भरत भूषण बजालता से लेकर फ्लायां मंडाल व आरएसपुरा में लगे स्टोन क्रशर्स से वसूली करता है और उनका ड्राइवर भानू प्रताप अखनूर व अन्य इलाकों से वसूली करता है।

भानू प्रताप को 25 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए जाने का सबूत पेश करते हुए रंधावा ने कहा कि अखनूर के एक स्टोन क्रशर मालिक ने ड्राइवर के खाते में यह पैसे ट्रांसफर किए है जोकि पर्याप्त सबूत है कि डीएमओ के लिए ये लोग वसूली कर रहे हैं। रंधावा ने कहा कि अगर सरकार चाहे तो यह तथा कई अन्य सबूत वह सरकार के सामने पेश करने को तैयार है। अपनी पिछली पत्रकार वार्ता में लगाए आरोपों पर रंधावा ने कहा कि उनके अावाज उठाने पर सरकार हरकत में आई।

रंधावा ने कहा कि उस दिन वह हताश थे लेकिन किसी को भी ठेस पहुंचाना उनका मकसद नहीं था। वो सिर्फ अपनी आवाज व पीड़ा सरकार तक पहुंचाना चाहते थे। रंधावा ने कहा कि उन्हें खुशी है कि हाईकोर्ट ने भी स्टोन क्रशर्स को राहत प्रदान करते हए डीएमओ द्वारा जारी नोटिस पर स्टे लगा दिया है और सरकार ने भी तवी नदी से अवैध खनन व स्टोन क्रशर्स में जारी अवैध कामों की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की है।

रंधावा ने अंकुर सचदेवा के सेक्शन आफिसर को अटैच किए जाने के सरकारी फैसले का भी स्वागत किया। रंधावा ने कहा कि उन्हें खुशी है कि सरकार ने हरकत में आते हुए कुछ कदम उठाए है। रंधावा ने कहा कि उनकी यह लड़ाई अवैध खनन को लेकर है और जब तक इस पूरे गौरखधंधे की सीबीआई जांच नहीं होगी, उनकी लड़ाई जारी रहेंगी क्योंकि इसमें स्टोन क्रशर उद्योग को प्रभावित हुआ ही है, सरकारी खजाने को भी 300-350 करोड़ रुपये का चूना लगा है।