जेएनएफ, जम्मू: पुलवामा आतंकी हमले पर सोमवार को टाडा अदालत में वाट्सएप वीडियो कॉल के जरिये सुनवाई की। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कोर्ट परिसर में लोगों की आवाजाही कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

पोटा-टाडा अदालत के विशेष जज सुभाष चंद्र गुप्ता ने सुनवाई के दौरान पुलवामा आतंकी हमले के आरोपितों शकीर बशीर, पीर तारिक अहमद, इंशा जान, मोहम्मद अब्बास, वाजी उल इस्लाम को 15 दिनों की ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया। एनआइए ने इन सभी आरोपितों को पुलवामा हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पिछले साल 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के चालीस जवान शहीद हो गए थे।

एक अन्य मामले में इसी अदालत ने किश्तवाड़ आतंकी हमले के तीन आरोपितों मसूद अहमद, मोहम्मद जफर, लियाकत अली और कौसर हुसैन को सशर्त जमानत दे दी है। आरोपितों के वकीलों ने कोर्ट से कहा कि सभी की गिरफ्तारी का 180 दिनों का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक पुलिस इस मामले की चार्जशीट पेश नहीं कर पाई है। इसलिए सभी को जमानत दी जानी चाहिए।

कोर्ट ने वकीलों के तर्क को सही मानते हुए जेल अधीक्षक को सभी आरोपितों को एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से जमानत राशि के साथ रिहा करने का निर्देश दिया। साथ ही आरोपितों को निर्देश दिए हैं कि वे जांच अधिकारी को सहयोग देंगे और सुबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे।

Posted By: Jagran

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