कटड़ा, संवाद सहयोगी। मां वैष्णो देवी के मंदिर से भैरव घाटी मंदिर के बीच चलने वाली पैसेंजर केबल कार सेवा श्रद्धालुओं को अगले माह शारदीय नवरात्रों में उपलब्ध हो सकती है। इसके लिए अत्याधुनिक पैसेंजर केबल कार के ट्रायल जारी हैं। ट्रायल के दौरान विश्व मानकों का पालन किया जा रहा है।

गौरतलब है कि मां वैष्णो देवी मंदिर से भैरव घाटी की दूरी करीब 3.30 किलोमीटर है। यह रास्ता दुर्गम और ऊंचाई पर है, जिससे अधिकतर श्रद्धालु विशेषकर बुजुर्ग, मरीज व दिव्यांग भैरव मंदिर नहीं जा पाते हैं।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने वर्ष 2015 में इस रास्ते पर पैसेंजर केबल कार चलाने का फैसला किया और स्विट्जरलैंड से दो अत्याधुनिक केबल कार आयात की। एशिया की सबसे बड़ी केबल कार में एक ही समय में करीब 45 श्रद्धालु भवन से भैरव घाटी का सफर कर सकेंगे। भवन से भैरो घाटी जाने का किराया मात्र 100 रुपये निर्धारित किया गया है।

यह परियोजना अंतिम चरण में है। हालांकि इस परियोजना को अगस्त में ही शुरू किया जाना था, लेकिन रास्ते में दिक्कतों के चलते इसमें विलंब हो गई क्योंकि ट्रायल के दौरान केबल कार के मार्ग में पड़ने वाली चट्टानों को काटा जा रहा है। करीब 75 करोड़ रुपये की यह केबल कार परियोजना श्रद्धालुओं को अगले माह शारदीय नवरात्रों में उपलब्ध होने की संभावना है।

श्रद्धालुओं को समय पर यह सेवा उपलब्ध हो, इसके लिए इंजीनियर व विशेषज्ञ लगातार कार्य कर रहे हैं। एसडीएम, भवन जगदीश ने बताया कि पैसेंजर केबल कार के रास्ते में कुछ चट्टानें आ रही हैं, जिनको काटने का कार्य जारी है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा तो शारदीय नवरात्रों में यह परियोजना श्रद्धालुओं को समर्पित कर दी जाएगी।

Posted By: Preeti jha