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क्या आप भी करना चाहते हैं B.Ed? जम्मू यूनिवर्सिटी ने दोबारा खोला पोर्टल, 20 सितंबर तक करें आवेदन, जानिए पूरा शेड्यूल

Published: Mon, 14 Sep 2026 06:09 PM (IST)

जम्मू विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त प्राइवेट बीएड कॉलेजों में लगभग 500 सीटें खाली रहने के कारण दाखिले फिर से खोले ...और पढ़ें

जम्मू विवि से मात्र 22 प्राइवेट बीएड कालेजों को दाखिले की अनुमति। (फाइल फोटो)

जम्मू विवि से मात्र 22 प्राइवेट बीएड कालेजों को दाखिले की अनुमति (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जम्मू विश्वविद्यालय में बीएड की 500 सीटें खाली रहीं।

  2. खाली सीटों को भरने के लिए दाखिला प्रक्रिया फिर से शुरू।

  3. NCTE मानदंडों के कारण कॉलेजों की संख्या में कमी आई।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त प्राइवेट बीएड कालेजों में सीटों को भरना चुनौती बन गया है। मात्र 22 कालेजों में 1500 सीटें नहीं भरी गई, जिस कारण विश्वविद्यालय को फिर से दाखिले खोलने पड़े हैं।

बीएड कोर्स से विद्यार्थियों का रुझान लगातार कम हो रहा है। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन के मापदंडों पर पूरा उतरने में नाकाम रहे जम्मू संभाग में चालीस से अधिक प्राइवेट बीएड कालेजों को इस साल दाखिला करने का मौका नहीं मिला है।

इस साल 22 प्राइवेट बीएड कालेजों को दाखिले के लिए इजाजत दी गई जिसमें करीब एक हजार सीटों को भरा गया। इस दौरान करीब पांच सौ सीटें खाली रह गई है।

22 सितंबर को मेरिट सूची जारी होगी

विश्वविद्यालय के डायरेक्टर कालेज डेवलपमेंट काउंसिल की तरफ से अधिसूचना जारी करके बीस सितंबर तक पोर्टल खोला गया है। विद्यार्थियों से आनलाइन आवेदन करने के लिए कहा गया है। विवि 22 सितंबर को मेरिट सूची को जारी करेगा। फिजिकल रूप से दस्तावेजों की जांच 24 व 25 सितंबर को होगी।

26 सितंबर तक फीस जमा करवा सकते

विद्यार्थी 26 सितंबर तक फीस जमा करवा सकते हैं। जम्मू विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त बीएड कालेजों की संख्या छह साल पहले 72 होती थी। साल 2019 के बाद जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन लागू हो गया। पहले से मिली छूट समाप्त हो गई।

फिर से दाखिला प्रक्रिया शुरू

विश्वविद्यालय ने अपनी जांच कर कालेजों की सीटों को कम कर दिया। उसके बाद नियमों को पूरा करने में नाकाम रहे कालेजों को दाखिले की इजाजत नहीं दी गई। डायरेक्टर कालेज डेवलपमेंट काउंसिल डा. धर्मेंद्र मंगोत्रा ने कहा कि कालेजों से नियमों को पूरा करने के लिए कहा गया है।

सीटों के न भरने के कारण फिर से दाखिला प्रक्रिया को शुरू किया गया है। कालेजों की सीटों को पहले ही कम किया जा चुका है।