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जम्मू के छात्रों के लिए बड़ी खबर! अब एक साथ दो कोर्स कर सकेंगे, माइग्रेशन सर्टिफिकेट का झंझट भी खत्म

Published: Wed, 02 Sep 2026 01:46 PM (GMT+05:30)

जम्मू विश्वविद्यालय ने क्लस्टर विवि और स्कॉस्ट-जम्मू के साथ समझौता किया है, जिससे छात्र अब यूजीसी दिशानिर्देशों के तहत एक ...और पढ़ें

जम्मू विश्वविद्यालय ने छात्रों को एक साथ दो कोर्स करने की सुविधा दी। (फाइल फोटो)

जम्मू विश्वविद्यालय ने छात्रों को एक साथ दो कोर्स करने की सुविधा दी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जम्मू विश्वविद्यालय ने दो कोर्स एक साथ करने को MoU किया।

  2. छात्रों को शैक्षणिक लचीलापन और बहुविषयक शिक्षा मिलेगी।

  3. यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू विश्वविद्यालय ने यूजीसी के दिशा-निर्देशों के तहत पात्र विद्यार्थियों को एक साथ दो शैक्षणिक कोर्स करने की सुविधा प्रदान करने के लिए क्लस्टर विवि जम्मू और शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (स्कॉस्ट-जम्मू) के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन एमओयू पर जम्मू विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. नीरज शर्मा, स्कॉस्ट-जम्मू के रजिस्ट्रार डा. अनिल कुमार और क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू के रजिस्ट्रार अंकुर महाजन ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर जम्मू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उमेश राय और क्लस्टर विवि जम्मू के वीसी प्रो. केएस चंद्रशेखर उपस्थित रहे। स्कॉस्ट-जम्मू के वीसी प्रो. बीएन त्रिपाठी ने भी एमओयू के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं दीं।

छात्रों को मिलेगी पढ़ाई में ज्यादा आजादी

जम्मू विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. उमेश राय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक लचीलापन, बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास और व्यापक शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थी अपने मूल संस्थान में नियमित पढ़ाई जारी रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे और अपने शैक्षणिक दायरे का विस्तार कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह पहल उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसमें विद्यार्थियों को अधिक लचीलापन और बहुविषयक शिक्षा के अवसर प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया है।

20 कोर्स में से किसी एक की कर सकेंगे अतिरिक्त पढ़ाई

एमओयू के तहत सहयोगी विश्वविद्यालयों में नियमित अथवा पारंपरिक माध्यम से स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को जम्मू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन द्वारा संचालित 20 स्वीकृत कार्यक्रमों में से किसी एक अन्य पाठ्यक्रम को ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग अथवा ऑनलाइन माध्यम से एक साथ करने का अवसर मिलेगा।

यह सुविधा निर्धारित पात्रता शर्तों और लागू नियमों के अधीन होगी। इस व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि एमओयू के तहत सीडीओई, जम्मू विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों को माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा करने की अनिवार्यता में छूट दी जाएगी।

ऐसे विद्यार्थी अपने मूल संस्थान में नामांकन जारी रखते हुए यूजीसी और जम्मू विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार एक अतिरिक्त शैक्षणिक कार्यक्रम कर सकेंगे।

आवेदन से दाखिले तक आसान होगी प्रक्रिया

एमओयू के तहत प्रवेश प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। विद्यार्थियों को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेज, वर्तमान नामांकन का प्रमाण और सीडीओई, जम्मू विश्वविद्यालय द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। सहयोगी संस्थान उपलब्ध पाठ्यक्रमों, पात्रता मानदंड, प्रवेश कार्यक्रम और शुल्क संरचना से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे।

समझौते में यह भी प्रावधान किया गया है कि एमओयू समाप्त होने की स्थिति में भी इस व्यवस्था के तहत पहले से प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की सुरक्षा की जाएगी और उन्हें अपने संबंधित कार्यक्रम पूरे करने के लिए आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

इस सहयोग को अंतर-विश्वविद्यालयीय शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से इससे उच्च शिक्षा में लचीलापन, बहुविषयक अध्ययन और विद्यार्थियों के लिए व्यापक शैक्षणिक अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।