श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। केंद्रीय सड़क परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मैं जम्मू कश्मीर के विकास के लिए काम करना चाहता हूं। मुझे कोई पैसा नहीं चाहिए। मैं कश्मीर के लिए काम करना चाहता हूं । आपको यकीन दिलाता हूं कि श्रीनगर की जीवन रेखा कहलाने वाले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग अगले दो सालों मेें इतना अच्छा होगा कि जम्मू से श्रीनगर का प्रवास तीन से साढ़े घंटे का रह जाएगा। वह यहां 121 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग की चार परियोजनाओं का नींव पत्थर रखने जाने के समारोह मेें उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। 3612 करोड़ की लागत वाली इन परियोजनाओं का उन्होंने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्यमंत्री जनरल(सेवानिवृत्त) वीके सिंह, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और श्रीनगर के सांसद डा फारुक अब्दुल्ला की मौजूदगी में नींव पत्थर रखा। उन्हाेंने इस अवसर पर परिहवन क्षेत्र मेे पर्यावरण अनुकूल साधन अपनाने पर भी जोर दिया।

केेंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई सड़क परियोजनाओं से जम्मू कश्मीर मेे सड़क नेटवर्क बेहतर होगा और स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए साधन भी पैदा होंगे। इससे पर्यटन और अन्य कारोबारी गतिविधियों का भी विकास होगा। हमारा प्रयास है कि देश के विभिन्न शहरों में चाहे वह दिल्ली-जम्मू हो या जम्मू-श्रीनगर की यात्रा, में लगने वाला समय आधा रह जाए। इसके लिए एक्सप्रेस-वे, मेगा हाइवे और सुरंग परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनसे आने वाले समय मेे दिल्ली से कश्मीर की यात्रा भी आठ घंटे की रह जाएगी।

कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा परिवहन मंत्री होने के नाते मैं आज दावे के साथ कह सकता हूं कि सार्वजनिक परिवहन और बिजली ही आज आम लोगों के उपयोग का सबसे बड़ा साधन है। रेल, इलेक्ट्रिक बस, केबल कार समेत विभिन्न जिम्मेदारियां प्रधानमंत्री ने मुझे सौंप रखी हैं। उन्होेंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन और राजमार्ग किसी भी राज्य, राष्ट्र के आर्थिक विकास के लिए सबसे अहम मानेे जाते हैं। इनके विकास पर काफी पैसा खर्च होता है, लेकिन मैं आपसे एक रुपया नहीं मांगता। मेरे पास इतना पैसा है कि मैं 40 लाख करोड़ के काम कर चुका हूं। मैं पैसे खड़ा कर सकता हूं।

उन्होंने कहा कि मैं जम्मू कश्मीर के विकास के लिए काम करना चाहता हूं। मैं कश्मीर के लिए काम करना चाहता हूं। मैं एक बात से दुखी हूं कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग जो कश्मीर की जीवन रेखा है, के काम में कुछ कारणाेें से देरी हुई है। मैं आपको वचन देता हूं कि यह ऐसा अच्छा रोड होगा कि आज से दो- साल के अंदर जम्मू-श्रीनगर का प्रवास तीन-साढ़े तीन घंटे का होगा। मैं आप लोगाेेें को यकीन दिलाता हूं कि जम्मू कश्मीर अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिए जो भी लाभकारी है, वह मैं सभी सुविधाएं प्रदान करने का यकीन दिलाता हूं।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री ने बताया कि 230 किलोमीटर लंबी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का काम प्रगति पर है। इसमें बनिहाल-श्रीनगर-बनिहाल-उधमपुर के बीच 170 किलोमीटर मेे चार लेन का काम पूरा हो चुका है। रामसू और बनिहाल के बीच काम अगले दो-अढ़ाई साल में पूरा होगा। आठ हजार कराेड़ की लागत से इस राजमार्ग पर प्रस्तावित 20 सुरंगोे में से चिनैनी-नाशरी और काजीगुंड- बनिहाल समेत 4500 कराेड की लागत से छह सुरंगों का निर्माण हो चुका है। बाकी का काम भी शुरु हो चुका है। इनके निर्माण से श्रीनगर-जम्मू की दूरी 230 किलोमीटर रह जाएगी और यात्रा तीन से साढृ़े तीन घंटे में पूरी होगी।

इन परियोजनाओं का नींव पत्थर रखा गया

बारामुला-गुलमर्ग राष्ट्रीय राजमार्ग 43 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत 85 करोड़ है। इससे बारामुला-गुलमर्ग के बीच न सिर्फ वाहनों की आवाजाही सुगम होगी बल्कि गुलमर्ग जाने वाले पर्यटकों को भी एक बेहतर सड्क संपर्क उपलब्ध होगा।

वायलू-दोनीपावा - दक्षिण कश्मीर मेें जिला अंतनाग मेें एनएच-244 पर 28 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण पर 158 करोड़ की लागत आएगी। यह कोकरनाग और वायलू के बीच सीधा सड़क संपर्क भी उपलब्ध कराएगी।

दोनीपावा- अशाजीपोरा दक्षिण कश्मीर मेें जिला अंतनाग मेें एनएच-244 को एनएच44 से जोडने के लिए 8.5 किलोमीटर लंबा बाईपास 57 करोड की लागत से तैयार होगा। इसके निर्माण से जम्मू से श्रीनगर जाने वाले यात्रियों को अनंतनाग कस्बे से नहीं गुजरना होगा।

फोर लेन रिंग रोड श्रीनगर- श्रीनगर मेें ट्रैफिक की समस्या को हल करने के इरादे से बनाए जाने वाले 42 किलोमीटर लंबे फोर लेन रिंग रोड पर 2948.72 करोड की लागत का अनुमान है।

Edited By: Vikas Abrol