श्रीनगर, नवीन नवाज : अनुच्छेद 370 की समाप्ति का असर जम्मू कश्मीर में जमीन पर नजर आने लगा है। केंद्र और कश्मीर के बीच दूरी समाप्त हो चुकी है। जम्मू कश्मीर में इन दिनों विकास पर जनता की नब्ज टटोलने के लिए मोदी के मंत्रियों के दौरे चल रहे हैं।

जनपहुंच अभियान के तहत वे विभिन्न जिलोें में पहुंच कर अवाम की सुध ले रहे हैं। केंद्रीय मंत्री स्थानीय लोगोें से मिलने के साथ उनसे जनकल्याण योजनाओें पर प्रदेश सरकार के कामकाज पर फीडबैक भी ले रहे हैं। वीरवार को एक दिन में सात केंद्रीय मंत्री प्रदेश के विभिन्न हिस्सोें में अधिकारियोें से लेकर जन प्रतिनिधिमंडलोें से मिले।

ये मंत्री आए : ऊधमपुर मे केंद्रीय संसदीय मामलों के राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल, डोडा में केंद्रीय पेट्रोलियम राज्यमंत्री रामेश्वर तेली, सांबा में केंद्रीय सूक्ष्म एवं लघु उद्यम राज्यमंत्री नारायण राणे, पांपोर में केंद्रीय सूचना मंत्री देवू सिंह चौहान, बारामुला में केंद्रीय आयुष मंत्री सरबनंदा सोनवाल, बांडीपोरा में केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा और श्रीनगर में केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सोम प्रकाश ने प्रतिनिधियों से मुलाकात की।

कई नई योजनाओें की नींव रखी : केंद्रीय मंत्रियों ने दौरे के दौरान विकास योजनाओें का उद्घाटन करने के अलावा कई परियोजनाओें की नींव रखी। कुल 70 केंद्रीय मंत्री आएंगे। एक सप्ताह के दौरान एक दर्जन मंत्री प्रदेश का दौरा कर चुके हैं। यह सिलसिला अगले माह तक चलेगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दौरे की उम्मीद है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

मंत्री संज्ञान ले रहे : केंद्रीय मंत्रियों के दौरे मीडिया से भी दूर रखे जा रहे हैं ताकि जनता के साथ संवाद में मंत्रियोें और प्रशासनिक अधिकारियोेें को किसी प्रकार की हिचक हो। लोग अपने इलाके में जारी योजनाओें की स्थिति को लेकर प्रशानसनिक तंत्र और पंचायत राज संस्थानों के प्रतिनिधियोें की कोताहियोें का खुलकर बखान कर रहे हैं। इन बैठकों में बिजली, पानी, सड़क, अस्पताल, अतिक्रमण, रोजगार, स्वास्थ्य संबधी हर मुद्दे पर बात हो रही है। मंत्री समस्याएं मौके पर हल कर रहे हैं।

नई योजनाओं का खाका तैयार होगा : एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मंत्रियों व उनके साथ आए अधिकारियों के दल को अपनी रिपोर्ट तैयार करनी है। रिपोर्ट को वह केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपेगे। इसमें जम्मू कश्मीर मेें जारी विकास योजनाओं की स्थिति व आम लोगों की राय होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर जम्मू कश्मीर में विकास की नई योजनाओं का खाका तैयार होगा। मंत्रियों के समक्ष जनता द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों में जो प्रदेश सरकार के कार्यक्षेत्र में हैं उन्हें हल करने के लिए कहा जा रहा है। 

Edited By: Rahul Sharma