राज्य ब्यूरो, जम्मू: उज्ज दरिया का जो पानी पाकिस्तान में बेकार में बह जाता है उस पानी का रुख बदलकर जम्मू कश्मीर के कठुआ और सांबा जिले के कंडी इलाके हरे-भरे किए जाएंगे। जम्मू संभाग के कठुआ जिले में उज्ज मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट बिजली उत्पादन तो करेगा ही, साथ यह कंडी इलाकों को सिंचित भी करेगा। परियोजना छह साल में पूरी होगी। इस पर 5850 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूरी कोशिश है कि मार्च में प्रोजेक्ट का काम शुरू हो जाए।

इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना का निर्माण इस तरह से किया जाएगा, जिससे पाकिस्तान की ओर व्यर्थ बह जाने वाले पानी के बहाव का रुख बदला जा सके। साथ ही इस पानी का इस्तेमाल देश के कई इलाकों में सिचाई के लिए किया जा सके। प्रोजेक्ट के निर्माण को तेजी देने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री व ऊधमपुर डोडा के सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल के सलाहकार आरआर भटनागर से बैठक भी की है।

इस परियोजना से सिचाई और पेयजल दोनों की आपूर्ति हो सकेगी। उज्ज मल्टीपर्पज परियोजना से सांबा और कठुआ जिले के कंडी इलाकों की 24 हजार हेक्टेयर भूमि की सिचाई होगी। इसके साथ इस नेशनल प्रोजेक्ट से 212 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस मल्टीपर्पज इरीगेशन प्रोजेक्ट को जलस्त्रोत मंत्रालय ने पहले ही मंजूरी दे दी थी। दस साल बाद ठंडे बस्ते से बाहर आई है परियोजना

कठुआ जिले के उज्ज दरिया पर राज्य की पहली बहुउद्देशीय पनबिजली परियोजना करीब एक दशक बाद ठंडे बस्ते से बाहर आई है। वर्ष 2008 में केंद्र सरकार ने इसे नेशनल प्रोजेक्ट घोषित किया था। प्रोजेक्ट बनने के बाद बाढ़ के दौरान उज्ज दरिया में पाकिस्तान की ओर बहने वाले डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी के बहाव का रुख बदलकर इसे पंजाब, राजस्थान आदि राज्यों को भेज कर सिचाई की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। मलिक ने भी किए थे प्रयास

कई वर्षो से टलते आ रहे इस प्रोजेक्ट को शुरू करवाने के लिए जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी कोशिश की थी। उन्होंने इस बारे में मोदी सरकार के मंत्रियों से भी बैठकें की थी। परियोजना पर दिल्ली में हुई बात

कठुआ में उज्ज मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर काम जल्द शुरू होने को लेकर सोमवार को ही केंद्रीय जल संशाधन मंत्रालय की बैठक हुई है। इसमें प्रोजेक्ट को लेकर विचार विमर्श किया गया। इसमें बताया गया कि यह प्रोजेक्ट जल्द पूरा करना केंद्र की मोदी सरकार की प्राथमिकता में है। बैठक में प्रोजेक्ट से पैदा होने वाली बिजली और पानी के इस्तेमाल पर भी चर्चा की गई।

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उज्ज मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट बनने से सांबा, कठुआ जिलों की तकदीर बदलेगी। जिलों के कंडी इलाकों में सिचाई, पीने के पानी की जरूरतों के पूरा होने से लोग को बहुत फायदा होगा। इसके लिए हम छह वर्ष से प्रयास कर रहे थे। हमारी पूरी कोशिश है कि यह प्रोजेक्ट जल्द से जल्द हकीकत बने। इस दिशा में कोशिश जारी हैं।

-डॉ. जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री

Posted By: Jagran

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