जम्मू, जागरण संवाददाता : सतवारी पुलिस ने नकली नोट छापने के एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को काबू किया है। तीनों के कब्जे से पुलिस ने नकली छापे गए 59 हजार रुपये के अलावा नोट बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे लैपटाप, प्रिंटर व अन्य सामान को भी बरामद किया है।

पुलिस के हाथ यह गिरोह उस समय लगा जब सतवारी थाने के अधीन आने वाली गाडीगढ़ पुलिस चौकी के प्रभारी लखबीर सिंह ने जीवन नगर बाबलियाना में नाका लगाया था। नाके के दौरान पुलिस ने वहां से गुजर रहे दो युवकों आदित्य चौधरी निवासी रानी तालाब, डिग्याना और अमरजीत सिंह उर्फ विक्की निवासी अजीत नगर, रानी तालाब को रोक उनकी तलाशी ली। पुलिस को उनके पास से एक लैपटाप मिला तो पुलिस को उन पर कुछ शक गहरा हो गया। इसके बाद पुलिस ने युवकों की तलाशी ली तो उनके पास से पुलिस को छह हजार रुपये मिले जो जांच के दौरान नकली पाए गए।

दोनाें को पकड़कर सतवारी थाने ले जाया गया जहां पूछताछ में उन्होंने अपने एक अन्य साथी रमेश कुमार उर्फ डाक्टर निवासी चक बाला, आरएसपुरा के बारे बताया जो मौजूदा समय दशमेश नगर डिग्याना में रह रहा है। इसके बाद पुलिस डाक्टर की तलाश में डिग्याना में उसके ठिकाने पहुंची जहां वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ के दौरान डाक्टर ने भी अपनी संलिप्तता को मान लिया जिसके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस को डिग्याना से ही एक प्रिंटर, स्कैनर, नोट छापने के काम आने वाला आधा रिम, 23 एग्जिक्यूटिव बांड पेपर जिन पर पांच सौ, दो सौ और सौ रूपये के करीब 29,900 रुपये छापे गए थे।

इसके अलावा मौके से 500, 200, 100 के पूरी तरह से 19,100 रुपये, एक पेपर कटर, हरे रंग की टेप के दो रोल, दो खाली टेप रोल, एक ग्लास शीट भी बरामद हुई। पुलिस के अनुसार अब तक बरामद फर्जी करंसी 59 हजार रुपये है। आरोपी रमेश कुमार के खिलाफ मीरां साहिब, बिश्नाह, अरनिया व गंग्याल थानों में पहले ही कई मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

Edited By: Lokesh Chandra Mishra