जम्मू, विवेक सिंह: अनुच्छेद 370 की बेडिय़ों से आजादी के दो सालों में लद्दाख की फिजा से भेदभाव का संक्रमण लुप्त हो गया। केंद्र का साथ मिला और 75 सालों से नजरअंदाज होती आई उम्मीदों को पूरा करने की झड़ी लग गई।

पांच अगस्त 2019 से पहले लद्दाख के विकास की योजनाएं कश्मीर में कागजों तक ही सिमट जाती थी। अब केंद्र के हाथ लद्दाख की कमान आने के बाद परिदृश्य बदल रहा है। केंद्रीय मंत्री और संसदीय समितियां विकास योजनाओं पर न केवल सीधे नजर रखे हैं बल्कि जन आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए नई योजनाओं का खाका बुना जा रहा है। जुलाई माह में चार संसदीय समितियां लद्दाख के दौरे पर पहुंची। अब 17 अगस्त को फिर से समितियां जम्मू कश्मीर और लद्दाख के दौरे पर हैं।

कार्बन मुक्त प्रदेश का सपना: नए लद्दाख में विकास की योजनाओं के साथ लोगों की सोच का दायरा भी बड़ा होता जा रहा है। लद्दाख के लोग अब देश के पहले कार्बन मुक्त प्रदेश के सपने के साकार करने की की मुहिम में जुटे हैं। विकास योजनाओं को इसी अनुसार गति दी जा रही है। ई बसों व ई रिक्शा के साथ-साथ हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहन चलेंगे। लेह में 1.25 मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन जेनरेशन पायलट प्रोजेक्ट बनेगा। स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए तीन समझौते हुए हैं। ग्रामीणों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना से लोगों को मालिकाना अधिकार संबंधी संपत्ति कार्ड दिए जा रहे है।

चार नए एयरपोर्ट व 37 हेलीपैड बनेंगे: आधारभूत ढांचे को मजबूत बना पर्यटन को भी गति देने की तैयारी है। दूरदराज के लोग अब अपने इलाकों में उड़नखटोलों से पर्यटकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र द्वारा चार नए एयरपोर्ट व 37 हेलीपेड विकसित करने की योजना है। इस समय 100 के करीब छोटे बड़े पुलों के निर्माण के बाद 55 नए पुलों पर कार्य जोरशोर से जारी है।

विकास की राह पर दौड़ रहा लद्दाख: लद्दाख के सांसद जाम्यांग सेरिंग नामग्याल का कहना है कि क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान बन रहे हैं। ऐसा अनुच्छेद 370 हटने से संभव हुआ है। केंद्र सरकार ने लद्दाख के लोगों के विश्वास के स्तर को नई उंचाइयों तक पहुंचा दिया है। अब सड़कें, टनल बनाने, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। ऐसा मोदी सरकार की निष्ठा से संभव हुआ है। आने वाले कुछ सालों में लद्दाख की कायाकल्प हो जाएगी। लद्दाख उर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा। लेह व कारगिल के लोग यही सपने देखते थे।

शिक्षा का बनेगा हब: शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ापन दूर करन की कसरत शुरू हो चुकी है। केंद्र ने लद्दाख में सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए 750 करोड़ मंजूर कर ऐतिहासिक फैसला किया है। इसके साथ विकास को तेजी देने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन भी बनाया गया है। इसके अलावा मेडिकल कालेज और अन्य कई कालेजों को मंजूरी मिल चुकी है।

वह मिला जो सोचा न था: कारगिल निवासी गुलाम हसन पाशा का कहना है कि दो साल में वह मिला जिसके बारे में सोचना भी मुश्किल था। दूरदराज इलाकों में पर्यटकों के पहुंचने से उन क्षेत्रों में प्रगति की राह खुलेगी। अब खेलों को बढ़ावा देने को ङ्क्षसथेटिक टर्फ, एस्ट्रोटर्फ, फुटबाल स्टेडियम, जिम्नेजियम हाल व आइस हाकी रिंग बन रहे हैं।

अब हर माह मंत्री लद्दाख आते हैं: लद्दाख में विकास को तेजी देकर लोगों की उम्मीदें पूरा करने के लिए दोतरफा कार्रवाई चल रही है। अब हर महीने केंद्र के मंत्री लद्दाख आते हैं तो उपराज्यपाल आरके माथुर दिल्ली जाते हैं। यह मुहिम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि विकास की गति कम न हो। जुलाई महीने में ही उपराज्यपाल ने एक सप्ताह दिल्ली में डेरा डाल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व चार केंद्रीय मंत्रियों से बैठकें की। अब केंद्रीय मंत्री अगस्त में लद्दाख आकर विकास की थाह लेंगे। 

Edited By: Rahul Sharma