श्रीनगर, जागरण संवाददाता। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने आज शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के जिला महासचिव आदिल अहमद और एक नंबरदार के दो निजी वाहनों को आग लगा दी। फिलहाल, पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी है। यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि बीते चार दिनों में कुलगाम में यह दूसरी आतंकी वारदात है। कुलगाम के कत्तरस्सु में ही आतंकियों ने मंगलवार की रात को पश्चिम बंगाल के पांच श्रमिकों को मौत के घाट उतारा है।

यहां मिली जानकारी के अनुसार, कुलगाम के बुनीगाम में आज तड़के करीब तीन बजे स्वचालित हथियारों से लैस आतंकियों का एक दल आया। यह गांव राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ बिल्कुल सटा हुआ है। आतंकियों ने बुनिगाम के नंबरदार गुलाम नबी डार के घर के बाहर खड़ी उसकी निजी वैन को आग लगा दी। इसके बाद आतंकी वहां से कुछ ही दूरी पर स्थित भाजपा नेता आदिल अहमद गनई के घर के पास पहुंचे। उन्होंने गनई के मकान के बाहर खड़े होकर जिहादी नारे लगाए और उसके बाद उन्होंने उसकी निजी वैन को भी आग लगा दी। यह वैन भाजपा नेता ने अपने घर के बाहर ही पार्क की हुई थी।

आतंकियों के डर से कोई भी उस समय घर से बाहर नहीं निकला। आतंकियों के जाने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और सेना के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से मिले सुरागों के आधार पर आतंकियों को पकड़ने के लिए एक तलाशी अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि आतंकी सुबह जिस समय बुनिगाम में आए थे, उस समय भाजपा नेता अपने घर पर नहीं था। इसलिए वह बच गया। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी है। अन्य विवरण प्रतीक्षारत हैं।

आइएसआइ ने रची गैर कश्मीरियों की हत्या की साजिश

जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के बाद कश्मीर में विकास योजनाओं को गति दिए जाने से हताश पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ और उसके समर्थित आतंकी संगठनों ने हालात बिगाड़ने के लिए पूरी घाटी में विशेषकर दक्षिण कश्मीर में दूसरे राज्यों के लोगों की हत्याओं की साजिश रची है। गत दिनों कुलगाम में पश्चिम बंगाल में पांच श्रमिकों की हत्या भी इसी साजिश का हिस्सा है। इस साजिश से कश्मीर में दूसरे राज्यों के 20 हजार से अधिक लोगों और श्रमिकों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

श्रीनगर स्थित खुफिया तंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया है कि इस्लामाबाद इस समय कश्मीर और गैर कश्मीरियों के बीच दूरी पैदा करना चाहता है। अब वह केंद्र शासित कश्मीर में भारत के अन्य हिस्सों के लोगों का आना पूरी तरह बंद कराना चाहता है। उन्होंने बताया कि बीते एक माह के दौरान एलओसी के पास आतंकियों के कई रेडियो संदेश पकड़े गए हैं। इनमें नवगठित केंद्र शासित जम्मू कश्मीर में शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने की पाकिस्तानी की खतरनाक साजिश का खुलासा हुआ है। इस साजिश को पाकिस्तानी सेना और आइएसआइ ने मिलकर तैयार किया है।

जम्मू कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कश्मीर में आतंकियों द्वारा दूसरे राज्यों के लोगों को निशाना बनाए जाने की रची गई साजिश 1990 में कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की हत्याओं व उनके सामूहिक पलायन की याद दिलाती है।

कश्मीर में पांच सौ से अधिक आतंकी

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर में 500 से अधिक आतंकी हैं। इनमें से अधिक 200 से ज्यादा पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकी हैं। इनमें से अधिकांश विदेशी आतंकियों की अगुआई में अलग-अलग गुटों में आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। दक्षिण कश्मीर के चार जिलों शोपियां, कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग में ही सबसे ज्यादा आतंकी सक्रिय हैं।

आइएसआइ ने विदेशी आतंकियों को सौंपी कमान

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आइएसआइ ने अपनी साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए घाटी में विदेशी आतंकियों को विभिन्न संगठनों की कमान संभालने को कहा है। यह स्थानीय आतंकियों से कहीं ज्यादा क्रूर हैं। इससे पहले कि यह अपनी साजिश को और आगे बढ़ाएं, हमने उन्हें मार गिराने के लिए विशेष अभियान चला रखे हैं।

हिजबुल मुजाहिदीन के डिवीजन कमांडर रियाज नायकू की भी तलाश तेज कर दी है। उसने ही जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के साथ मिलकर बाहरी ट्रक चालकों की हत्या की वारदातों को अंजाम दिया है। उसने ही कुछ समय पहले चेतावनी दी थी कि यदि कुछ बड़ी घटना घटी, तो उसके आदमी गैर-कश्मीरी नागरिकों को निशाना बनाना शुरू करेंगे। उसने एक ऑडियो संदेश में कहा था कि 'कश्मीर में मौजूद बाहरी लोग हमारे निशाने पर होंगे।'

Posted By: Preeti jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस