श्रीनगर, रजिया नूर : कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच जब लोगों की सांसें अटकने लगीं तो उनका दर्द समझकर कई लोग मसीहा बनकर आगे आए। ऐसे ही श्रीनगर के दो युवा दोस्तों ने बिजली के कुछ उपकरणों की मदद से एक मार्डन वेंटिलेटर का माडल तैयार किया है। इनका दावा है कि मरीज को बिना छुए केवल एक मिनट में उसका आक्सीजन लेवल, ब्लड प्रेशर, बाडी टेंपरेचर व हार्ट बीट गुगल प्लेटफार्म की मदद से वेंटिलेटर की स्क्रीन पर फ्लैश की जा सकती है।

श्रीनगर के बछपोरा व कमरवाड़ी इलाकों के रहने वाले साजिद नूर व जहांगीर हमीद लोन एमटेक के विद्यार्थी हैं और दोनों ने इस वेंटिलेटर को दो महीनों में तैयार किया है। साजिद और जहांगीर ने कहा कि कश्मीर में कोरोना की तेज हुई दूसरी लहर में मरीजों के लिए उपलब्ध आक्सीजन व वेंटिलेटर की कमी ने उन्हेंं यह बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक आम नागरिक बाजार से वेंटिलेटर नहीं खरीद सकता है। ऐसे में हमने सोचा कि एक ऐसा वेंटिलेटर बनाएंगे जो बिल्कुल अलग होगा और साथ ही इसकी कीमत भी बाजार से कम होगी। हमने अपने प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया और दो महीनों के भीतर हम इसका माडल बनाने में कामयाब हो गए।

ऐसे तैयार किया वेंटिलेटर

साजिद और जहांगीर ने कहा कि हमने यह वेंटिलेटर बेकार पड़े बिजली से चलने वाले उपकरण से तैयार किया है। उन्होंने बताया कि वेंटिलेटर का बेस हमने एक खराब पड़े प्रिंटर की एसेमबली से एम्व्यू बैग तैयार किया। इसमें हमने एकरेलिक व कार्ड बोर्ड के अलावा डीसी मोटर व कुछ और उपकरण जोड़कर इन सब को इंटरनेट के साथ कनेक्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि डीसी मोटर के दबाव से एम्व्यू बैग में आक्सीजन जमा हो जाती है और मरीज सांस ले पाता है। वेंटिलेटर में बाडी टेमपरेचर व हार्ट बीट मापने के उपकरण भी लगाए गए हैं। वेंटिलेटर में फिट की गई एक हार्डवेयर (अरडीनो) को इंटरनेट के साथ जोड़ दिया है। अरडीनो पर मरीज की तमाम शारीरिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त होती है और चिकित्सक मरीज को बिना हाथ लगाए गूगल प्लेटफार्म की मदद से इसका मुआयना कर सकता है।

यह हैं खूबियां : साजिद व जहांगीर का दावा है कि उनके द्वारा बनाए गए वेंटिलेटर में बाजार में मिलने वाले वेंटिलेटर की तुलना में ज्यादा विशेषता है। उनका वेंटिलेटर पोर्टेबल है और इसे कहीं भी कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। वेंटिलेटर में आक्सीजन लेवल मापने के साथ इसमें ब्लड प्रेशर, बाडी टेमपरेचर, ह्यूमिडीटी व हार्ट बीट मामपने के उपकरण भी लगे हैं। डाक्टर केवल एक मिनट में यह सारी जानकारी प्राप्त कर सकता है। दोनों के अनुसार, इसकी कीमत आठ से दस हजार रुपये तक बैठती है, जबकि बाजार में मिलने वाले वेंटिलेटर की कीमत 10-12 लाख रुपये से कम नहीं।

डाक्टर बोले, फायदेमंद साबित होगा वेंटिलेटर : शेर ए कश्मीर आयुॢवज्ञान अनुसंधान, सौरा में एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट के एसोसिएस प्रोफेसर डा. तालिब खान ने कहा, मैंने और मेरे कुछ साथियों ने इस माडल को देखा है। हर एंगल से इसकी जांच की। यह पर्फेक्ट है। अगर इस माडल पर काम किया गया तो यह बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

सरकार की मदद का इंतजार : साजिद व जहांगीर ने कहा कि माडल तो हमने तैयार कर दिया है और मेडिकल विशेषज्ञों ने भी इसे बेहतर बताया है। हम चाहते हैं कि सरकार इस माडल को मंजूर करे, ताकि संकट की इस घड़ी में जरूरतमंद लोगों को कुछ राहत मिल सके।

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