श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : उत्तरी कश्मीर के सोपोर में शनिवार को लॉकडाउन के बीच द रजिस्टेंस फ्रंट जम्मू कश्मीर (टीआरएफ) के आतंकियों ने सुरक्षाबलों की एक नाका पार्टी पर हमला कर दिया। इस हमले में तीन सीआरपीएफ कर्मी शहीद व दो अन्य जख्मी हो गए। घायल हैड कांस्टेबल बिस्वाजीत घोष आैर कांस्टेबल जावेद अहमद की सर्जरी होने के उपरांत अब दोनों की हालत स्थिर है । ये दोनों अब सेना के 92 बेस अस्पताल के आर्इसीयू में हैं आैर इनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।

इसी बीच सुरक्षाबलों ने हमले में लिप्त आतंकियों को पकडऩे के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए सघन तलाशी अभियान चला रखा है। एक हफ्ते में यह सुरक्षाबलों पर आतंकियों का तीसरा हमला है। शुक्रवार को हुए हमले में भी सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया था। टीआरएफ जेके एक नया आतंकी संगठन है। इसे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद द्वारा मिलकर बनाया गया है। कश्मीर घाटी के किसी भीतरी इलाके में टीआरएफ द्वारा सुरक्षाबलों पर हमले की यह पहली वारदात है। इसी संगठन से जुड़े पांच आतंकी इसी माह की शुरुआत में केरन में घुसपैठ करते हुए मारे गए थे।

जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ की 179वीं वाहिनी के जवानों ने राज्य पुलिसकर्मियों के साथ संयुक्त रूप से नूरबाग इलाके में अहदबब चौक पर नाका लगाया था। कुछ जवान अपने बख्तरबंद मोबाइल बंकर (वाहन) के पिछले हिस्से में बैठे थे और कुछ जवान वाहन के आगे की तरफ खड़े थे।

सूत्रों ने बताया कि शाम करीब साढ़े पांच बजे दो आतंकी मोटरसाइकिल पर आए और अपना वाहन नाके से करीब 50 मीटर मोबाइल बंकर के पिछली तरफ रोका। बंकर में बैठे जवानों को लगा कि स्थानीय युवक हैं। इसी दौरान फिरन (कश्मीरी परिधान) पहने एक आतंकी कुछ आगे आया और उसने अपने कपड़ों में छिपाकर रखाी एसाल्ट राइफल से जवानों पर गोलियों की बौछार कर दी। बंकर के पिछले हिस्से में बैठे जवान जब तक पोजीशन लेते, उनमें से पांच जवान जख्मी हो गए। अन्य जवानों ने तुरंत अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया। करीब 10 मिनट तक फायङ्क्षरग हुई। गोलियों की आवाज सुनते ही निकटवर्ती सुरक्षा शिविर और चौकियों से पुलिस व अन्य सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आतंकी वहां से भाग निकले थे। सुरक्षाबलों ने घायल जवानों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने हेड कांस्टेबल राजीव शर्मा, कांस्टेबल सीबी भाकरे और कांस्टेबल परमार सत्यपाल सिंह को शहीद घोषित कर दिया। घायल जवानों की पहचान हेड कांस्टेबल विश्वजीत घोष और जावेद अहमद के रूप में हुई है और उन्हें श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में दाखिल कराया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने हमले में तीन सीआरपीएफ कर्मियों के शहीद होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पूरे इलाके को घेर लिया गया है और जल्द ही आतंकियों को मार गिराया जाएगा।

इसी बीच, आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने हमले में टीआरएफ का हाथ होने की संभावना जताते हुए कहा कि वारदात से संबंधित सभी तथ्य जुटाए जा रहे हैं। हमले में शामिल आतंकियों को जल्द ही चिन्हित कर लिया जाएग। हाल ही में अस्तित्व में आए आतंकी संगठन टीआरएफ जेके ने अपने टेलीग्राम चैनल पर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। टीआरएफ ने आने वाले दिनों में भी सुरक्षाबलों पर हमलों की धमकी भी दी है। इस बीच, सीआरपीएफ के प्रवक्ता ने बताया कि सोपोर हमले में शहीद हेड कांस्टेबल राजीव शर्मा बिहार, शहीद सीबी भाकरे महाराष्ट्र और शहीद कांस्टेबल परमार सत्यपाल सिंह गुजरात के रहने वाले थे। उन्होंने बताया कि तीनों शहीदों के पार्थिव शरीर रविवार सुबह पूरे सम्मान के साथ एक विशेष विमान के जरिए उनके परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ शहीदों के परिवारों के साथ खड़ी है।

एक हफ्ते में हो चुके हैं तीन हमले

17 अप्रैल : पुलवामा में सीआरपीएफ के शिविर पर आतंकी हमला। एक जवान घायल।

15 अप्रैल : पुलवामा में सुरक्षाबलों के एक गश्ती दल पर हमला। कोई नुकसान नहीं।

13 अप्रैल : किश्तवाड़ में आतंकी हमले में जम्मू कश्मीर पुलिस का एक एसपीओ शहीद, दूसरा घायल।

 

Edited By: Rahul Sharma