जम्मू, जेएनएन: जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के चेयरमैन व नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व एमएलसी त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी राजू गंजा को जम्मू से गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद हत्या से संबंधित एक बड़ा खुलासा भी हुआ है। हरप्रीत ही इस हत्याकांड का मास्टर माइंड था और उसी ने वजीर को मारने की पूरी साजिश रची थी।

राजू गंजा ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि यह योजना हत्या से करीब 45 दिन पहले रची गई थी। यह तय हुआ कि वजीर को जम्मू में नहीं बल्कि दिल्ली बुलाकर खत्म किया जाएगा। हत्या की इस वारदाज में राजू समेत करीब चार लोग शामिल थे। राजू पहले मुंबई में ड्राइवर का काम करता था। योजना के तहत उसे 14 अगस्त को बुलाया गया और वह हरप्रीत के साथ रहने लगा। इन 4 लोगों ने त्रिलोचन सिंह वजीर काे मारने की योजना बनाई। नानक नगर निवासी हरमीत भी हरप्रीत के घर पर रह रहा था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब उन्होंने राजू गंजा की पहचान कर ली तो उसकी धरपकड़ के लिए उसके घर पहुंची। पता चला कि तो वह घर पर नहीं है और जम्मू में अपने ससुराल में छिपा है। पुलिस की एक टीम ने उसके ससुराल में छापा मारा और उसे पकड़ लिया। 

प्राथमिक पूछताछ में ही राजू ने यह बात स्वीकार कर ली कि इस हत्या को अंजाम देने वाले 4 लोग थे। पहला हरप्रीत, दूसरा हरमीत, तीसरा वह स्वयं जबकि चौथा बिल्लू बताया जा रहा है। उसने बताया कि हत्या 3 सितंबर को रात 9 से 10 बजे के बीच की गई। वजीर को मारने से पहले उसके खाने में नशीला पदार्थ भी मिलाया गया था। 

आपको जानकारी हो कि 67 वर्षीय त्रिलोचन सिंह वजीर का शव 9 सितंबर को दिल्ली के बाहरी इलाके बसई दारापुर इलाके में स्थित एक फ्लैट के बाथरूम से सड़ी-गली हालत में मिला था। उसका सिर प्लास्टिक में लिपटा हुआ था। यह फ्लेट वजीर के ही परिचित हरप्रीत सिंह (31) ने किराए पर लिया था।

पुलिस ने बताया कि वजीर दो सितंबर को दिल्ली आया था। तब से वह हरप्रीत सिंह और हरमीत सिंह के साथ रह रहा था। इस समय हरप्रीत और हरमीत दोनों ही फरार हैं और दिल्ली पुलिस ने उनका पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। वजीर के भाई ने बताया कि अपने परिवार से मिलने टीएस वजीर को 2 सितंबर को कनाडा जाना था। जब वह कनाडा नहीं पहुंचा और कई दिनों तक उसकी कोई खबर नहीं मिली, तो परिवार ने जम्मू पुलिस को सूचित किया।

यहां की पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया। इसी बीच दिल्ली पुलिस को भी गत वीरवार 9 सितंबर को मोती नगर के एक फ्लैट से दुर्गंध आने की शिकायत मिली। मौके पर पहुंचने के बाद जब पुलिस ने फ्लेट का दरवाजा खोला तो उन्हें बाथरूम में सड़ी-गली अवस्था में शव मिला। जब मृतक की पहचान करवाई गई तो वह पूर्व एमएलसी त्रिलोचन सिंह वजीर थे। पुलिस ने कहा कि राजू गंगा की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपी की तलाश और तेज कर दी गई है। राजू से इस मामले में और भी पूछताछ की जा रही है।

Edited By: Rahul Sharma