जम्मू, जेएनएन। बनिहाल-बारामुला ट्रैक पर ट्रेन सेवा बहाल करने के लिए शनिवार को श्रीनगर व बनिहाल सेक्शन के बीच दो बार ट्रायल किया गया। दोनों ही बार ट्रायल सफल रहा और तीन महीने के बाद रविवार से श्रीनगर में रेल सेवा बहाल हो जाएगी। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने से दो दिन पहले 3 अगस्त को एहतियात के तौर पर रेल सेवा को बंद रखा गया था। रेलवे अधिकारियों के अनुसार पूरे ट्रैक का सेफ्टी ऑडिट करने के बाद ही ट्रायल किया गया और यह पूरी तरह से सफल रहा। अब कश्मीर घाटी में रेल सेवाएं रविवार से पूरी तरह से सुचारू हो जाएंगी।

बीते मंगलवार को श्रीनगर-बारामुला ट्रैक पर रेल सेवा को बहाल किया गया था लेकिन बनिहाल तक ट्रायल न होने के कारण सुरक्षा कारणों से इस सेवा को शुरू नहीं किया जा सका था। वहीं हर दिन सुधर रहे कश्मीर के हालात के बाद यह तय किया गया कि बनिहाल से बारामुला तक पूरे ट्रैक पर रेल सेवा को बहाल कर दिया जाएगा। इसके बाद ही ट्रायल किया गया।

घाटी में जल्द दौड़ेगी विस्टाडोम

कश्मीर में आने वाले पर्यटक जल्द ही विस्टाडोम में और भी बेहतर ढंग से बर्फबारी के बीच घाटी के खूबसूरत नजारों का आनंद ले पाएंगे। विस्टाडोम घाटी में आ चुकी है और इसकी एक बार प्रशिक्षण भी हो चुका है। भारतीय रेलवे जल्द ही इसे शुरू करने पर निर्णय लेगा। दरअसल विस्टाडोम ट्रेन के कोच की छत कांच की होती है। यही नहीं इसकी खिड़की भी बड़ी होती है। दरअसल भारतीय रेलवे ने यह ट्रेन घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की है। इसीलिए इसमें हर तरह की सुविधा मौजूद है। सर्दियों में जहां पर्यटक इस ट्रेन में हीटिंग सिस्टम का लाभ उठा सकते हैं वहीं गर्मियों में यह सर्दी का एहसास दिलाएगी। कांच के इस कोच में बैठ पर्यटक बर्फबारी देखने के साथ प्रकृति से भी रूबरू हो पाएगा क्योंकि इसकी खिड़कियां भी बड़ी होती हैं। यह ट्रेन बनिहाल, काजीगुंड, अनंतनाग, श्रीनगर, बडगाम, सोपोर होते हुए बारामुला तक जाती है। स्थानीय लोगों के लिए भी यह ट्रेन काफी फायदेमंद होगी। चेयर कार वाली इस ट्रेन में पैंट्री कार की सुविधा भी होगी। यही नहीं ट्रेन के आगे और पीछे खास कोच लगाए गए हैं। हाॅ, विस्टाडोम कोच होने के कारण इसका किराया कुछ अधिक रखा जाएगा। रेलवे विभाग ने अभी किराया तय नहीं किया है।

अगले वर्ष रेल ट्रैक से जुड़ जाएगी कश्मीर घाटी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रेलवे के अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं कि अगले सात कश्मीर घाटी को रेल ट्रैक के माध्यम से भारत के दूसरे राज्यों से जोड़ दिया जाए। इस पर तेजी से काम भी हो रहा है। जब यह ट्रैक दूसरे राज्यों से जुड़ जाएगा तो कश्मीर की यह रेल यात्रा प्राकृतिक नजारों से ही ओतप्रोत नहीं होगी बल्कि पर्यटकों को इंजीनियरिंग की बेमिसाल तकनीक को भी करीब से देखने का मौका मिलेगा। कश्मीर ट्रेन ट्रैक को उत्तर भारतीय रेलवे से जोड़ने के लिए चिनाब नदी पर 359 मीटर ऊंचा पुल बनाया गया है जो दुनिया का सबसे बड़ा पुल है। ये करीब 1.3 किलोमीटर लंबा है। यही पुल कटड़ा से बनिहाल को जोड़ेगा। अभी तक ट्रेन वैष्णो देवी तक ही आती है। ट्रैक का निर्माण पूरा होने पर ट्रेन कटड़ा से बनिहाल तक जा सकेगी। इसे भी अगले साल 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा।

Posted By: Rahul Sharma

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