जम्मू, जागरण संवाददाता । केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के ट्रांसपोर्टरों ने कोरोना महामारी के दौरान भी केंद्र और प्रदेश सरकार से ट्रांसपोर्टरों को कोई भी वित्तीय सहायता प्रदान नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई है।

ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन टीएस वजीर के नेतृत्व में उपराज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा को पत्र लिखकर वित्तीय सहायता सहित अन्य मांगों को पूरा करने की अपील की है।

इंश्योरेंस शुल्क, टोकन टैक्स, पैसेंजर टैक्स सहित बैंकों से लिए गए ऋण का ब्याज माफ करने की अपील

वजीर ने सरकार से लॉकडाउन के दौरान प्रभावित ट्रांसपोर्टर वर्ग का इंश्योरेंस शुल्क, टोकन टैक्स, पैसेंजर टैक्स सहित बैंकों से लिए गए ऋण का ब्याज माफ करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से प्रभावित हुए सभी वर्गों को सरकार की ओर से कुछ न कुछ मदद मिली है लेकिन ट्रांसपोर्टरों को राहत के नाम पर सिवाय आश्वासनों के कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। इस संदर्भ में बार-बार प्रदेश की सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई गई लेकिन आज तक न्याय नहीं मिल पाया है।

ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन टीएस वजीर ने कहा कि ट्रांसपोर्टर आतंकवादग्रस्त जम्मू-कश्मीर में हमेशा आवश्यक सेवाएं देता आया है। अब चूंकि कोरोना वायरस महामारी से ट्रांसपोर्ट वर्ग पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। चालक और सहचालकों के परिजनों के पास आजीविका के साधन खत्म हो गए हैं।

अभी भी काफी कम सवारियां ही यात्रा कर रही हैं

वजीर ने कहा कि भले ही सरकार की ओर से यात्री वाहनों के परिचालन को प्रदेश में अनुमति मिल गई है लेकिन अभी भी काफी कम सवारियां ही यात्रा कर रही हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व बनता है कि वह ट्रांसपोर्ट वर्ग की सुध ले और मार्च महीने से अब तक प्रत्येक चालक और सहचालकों को प्रतिमाह कम से कम पांच-पांच-हजार रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करे।

Edited By: Rahul Sharma