जागरण संवाददाता, जम्मू : पुराने शहर से सटे रेडियो स्टेशन चौक से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर पस्सी गिरने से सिदड़ा, नगरोटा की तरफ जाने वाले लोग दिनभर परेशान होते रहे। लेकिन ट्रैफिक पुलिस करीब छह घंटे के बाद होश में आई।

पस्सी सुबह आठ बजे गिरी, जिससे सड़क लगभग बंद हो गई। किसी तरीके से छोटी गाड़ियां अपने रिस्क पर निकलती रही, लेकिन इसके लिए भी जाम के चलते लोगों को घंटों परेशान होना पड़ा। न तो सिदड़ा पुल से शहर की तरफ आने वाली गाड़ियों को कोई रोकने वाला और न ही दिशा निर्देश देने के लिए कोई ट्रैफिक कर्मी ही। रेडियो स्टेशन के पास भी कोई ट्रैफिक कर्मी यह बताने के लिए खड़ा नहीं था कि गाड़ी लेकर कोई उधर न जाएं। इसके चलते घंटों जाम लगा रहा। ट्रैफिक पुलिस करीब दो बजे उस समय होश में आई, जब जाम रेडियो स्टेशन चौक यानी राजभवन चौक तक लग गया। उसके बाद रेडियो स्टेशन चौक से गाड़ियों को आगे जाने से रोका गया तो सिदड़ा चौक से सिटी की तरफ आने वाली गाड़ियों को रोका गया। घंटों की मश्कत के बाद जाम में फंसी गाड़िया निकाली जा सकी और बाद में पस्सी हटाने का काम हो सका। सिटी की तरफ आने वाले लोगों में ट्रैफिक पुलिस के रवैये खिलाफ खासा रोष देखा गया। लोगों का कहना था कि अगर पस्सी पड़ते ही ट्रैफिक पुलिस अपनी नौकरी समझती तो दिन भर लोगों को परेशान न होना पड़ता। शहर आने और शहर से बाहर जाने के लिए लोगों को वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करना पड़ा।

ट्रैफिक एसएसपी बोले- जाम लगा रहा तो मैं क्या करूं

ट्रैफिक विभाग की बेपरवाही का खामियाजा दिनभर लोग जूझते रहे। संयोग रहा कि दोबारा पस्सियां नहीं गिरीं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस बेपरवाही का एसएसपी ट्रैफिक जोगिद्र सिंह के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। सिर्फ इतना कहा कि जाम लगा रहा तो वह क्या कर सकते हैं।

Posted By: Jagran

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