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जम्मू,  जागरण संवाददाता। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल चालकों के लिए उलझन बनते जा रहे हैं। सिग्नल पर लगे टाइमर का न चलना सबसे बड़ी मुसीबत है। टाइमर न चलने के कारण वाहन चालकों को इस बात का पता ही नहीं चलता कि कब रुकना है और कब चलना है।

दरअसल ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों के रुकने और चलने का एक तय समय सिग्नल के साथ लगे टाइमर पर सेट किया जाता है। चालकों को सिग्नल पर लगे टाइमर को देख दूर से ही पता चल जाता है कि वह चौराहे को पार कर पाएंगे या पार करने से पहले ही उसे रेड सिग्नल रोक लेगा।

टाइमर के मुताबिक चालक अपने वाहन की गति को बढ़ाता है या कम कर लेता है ताकि वह दूसरी ओर से सिग्नल के रेड या ग्रीन होने के कारण बीच में न फंसे। जम्मू शहर में कुछ समय से ऐसा नहीं हो रहा है। यहां सिग्नलों पर लगे टाइमरों को बंद कर दिया गया है। शहर के मेन स्टॉप, एशिया क्रॉ¨सग, रेलवे स्टेशन-नरवाल मार्ग, जम्मू विवि मार्ग-बिक्रम चौक, सतवारी चौक आदि कुछ ऐसी जगह हैं, जहां टाइमर नहीं चल रहे।

यहां कई बार वाहन चालक सिग्नल के एकदम रेड या ग्रीन होने के कारण एक दूसरे से टकराने से बचते हैं। कई बार वे एक दूसरे के साथ टकरा भी जाते हैं।शहर में इस समय ऑटोमेटिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। जिन सिग्नल पर अभी टाइमर नहीं चल रहे हैं, वे सभी ऑटोमैटिक हैं। अभी इन सिग्नल का ट्रायल चल रहा है। उसके बाद तय किया जाएगा कि कहां पर कितना टाइमर सेट किया जाए और कहां पर सिग्नल को आटोमेटिक मोड पर ही छोड़ दिया जाए।

आटोमेटिक मोड सिग्नल सेंसर की मदद से खुद ही रेड व ग्रीन मोड में आ जाएगा। अभी कई जगहों पर सिग्नल लगा उन्हें ट्रायल पर रखा गया है। दो या तीन महीने के बाद सिग्नल पूरी तरह से सही चलना शुरू हो जाएंगे। जो¨गद्र ¨सह, एसएसपी, ट्रैफिक 

Posted By: Preeti jha

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