जम्मू, जेएनएन। देश के दूसरे राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर में सबसे ऊंचे युद्ध स्थल सियाचिन से लेकर मैदानी इलाकों में योग दिवस मनाया गया। दुर्गम बर्फीली चोटियों, मैदानी व पहाड़ी इलाकों में तैनात जवानों ने दिनचर्या में योगासनों को शामिल किया। अनंतनाग में मोटर साइकिल सवारों द्वारा सुरक्षाबलों के नाके को भेदने की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सकते में डाल दिया है। इसके अलावा सुरक्षाबलों के बाद अब आतंकवादियों द्वारा दूसरे आतंकी संगठनों के परिजनों को निशाना बनाने की घटना ने घाटी में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। आज यहां लश्कर कमाडेंट की बहन व जीजा को घर से अगवाह कर उन्हें घायल कर रास्ते में छोड़ दिया गया।

सियाचिन की बर्फीली चोटियों पर भी जवानों ने किया योग

दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन की बर्फीली चोटियों से लेकर जम्मू के मैदानी इलाकों में सेना के जवानों से लेकर आम आदमी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। भारत-पाकिस्तान सीमा पर 20 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन में तैनात सैनिक और अधिकारी योग के रंग में रंगे दिखे। हालांकि भारतीय सेना ने कठोर जलवायु परिस्थितियों वाले ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सैनिकों की दैनिक दिनचर्या में योग आसनों को शामिल किया है। यहां किसी भी समय पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ की आशंका बनी रहती है। ऐसे में भी भारतीय जवान माइनस 30 डिग्री तापमान में भी भारतीय जवान 24 घंटे मुस्तैद रहती है। जम्मू शहर के पॉम आईलैंड, केके हक्कू स्टेडियम, भारतीय योग संस्थान, इम्फा, इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट आदि सरकारी व निजी संस्थानों में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग शिविरों का आयोजन किया गया। इनमें सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर न सिर्फ योगासन किए बल्कि उनके फायदे भी जाने।

अनंतनाग में मोटर साइकिल सवारों ने नाके को तोड़

अनंतनाग में सुरक्षाबलों के नाके को संदिग्ध मोटर साइकिल सवारों द्वारा भेद दिए जाने की घटना ने प्रशासन द्वारा अमरनाथ यात्रा में पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के किए जा रहे दावों पोल खोल दी है। हालांकि नाके पर तैनात सुरक्षाबलों ने मोटर साइकिल सवारों को रोकने के लिए हवा में फायर किए परंतु उनकी इस चेतावनी को नजरंदाज कर मोटर साइकिल सवार नाके को भेदते हुए गुजर गए। फायरिंग के बाद वहां पैदा हुई हड़बड़ी के कारण मोटर साइकिल के पीछे बैठा युवक गिर गया। उसे सुरक्षाबलों ने हिरासत में ले लिया है जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है।

लश्कर कमांडेंट की बहन-जीजा को गोली मारी

दक्षिण कश्मीर के अरवनी बीजबेहाड़ा में लश्कर कमांडेंट नसीर अहमर मकरू की बहन और जीजा का वीरवार तो कुछ बंदूकधारियों ने अपहरण कर लिया था। इस वारदात के अगले दिन यानी आज शुक्रवार को दोपहर बाद दोनों दंपति घायल अवस्था में अलग-अलग जगह मिले। मारूक की बहन नुसरत को अरवनी में कब्रिस्तान के पास घायल अवस्था में फेंका हुआ था। उसकी बायीं टांग पर गोली लग थी जबकि उसके पति मुदस्सर अहमद मकरू को फ्रिसल के पास दायीं टांग में गोली मारने के बाद छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों का आतंकियों ने ही अपहरण किया था। 

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Posted By: Rahul Sharma

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