श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रदेश में बीते दो-तीन वर्ष में हुए उल्लेखनीय विकास का दावा करते हुए कहा कि उभरते जम्मू कश्मीर की खुशहाली और विकास सिर्फ श्रीनगर या जम्मू तक सीमित नहीं है। यह आज प्रदेश के हर दूरदराज के गांव में भी नजर आता है। पल्ली जैसा गांव जो अत्यंत पिछड़ा था, बीते तीन साल में ही विकास के पथ पर आगे खड़ा नजर आने लगा है। उन्होंने यह दावा बुधवार को एक न्यूज चैनल द्वारा आयोजित एक सेमीनार उभरता जम्मू कश्मीर में अपने संबोधन के दौरान किया।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अगर आज जम्मू कश्मीर विकास और खुशहाली के पथ पर अग्रसर है तो सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी की जनकल्याण के प्रति स्पष्ट नीतियों और प्रतिबद्धता के कारण। आज आप जम्मू कश्मीर के पुलवामा, कुलगाम, राजौरी, पुंछ डोडा में रहने वाले जनजातीय समूहों को देखें, आजादी के 70 साल बाद उन्हें पहली वार वनाधिकार मिला है। गुज्जर-बक्करवाल समुदाय के बच्चों के लिए आज स्मार्ट स्कूल हैं।

उन्होंने कहा कि आज के उभरते जम्मू कश्मीर के पीछे एक निर्भीक, भ्रष्टाचारमुक्त कर्मठ और पारदर्शी प्रशासनिक तंत्र है, जिसने बीते एक वित्तीय वर्ष में 51 हजार काम पूरे किए हैं जबकि वर्ष 2018-19 के दौरान सिर्फ 9299 परियोजनाएं ही पूरी हो पायी थी। कोरोना के बावजदू 21943 परियोजनाओं का पूरा होनाएक नए जम्मू कश्मीर की कहानी सुनाता है। हमने इस बात को सुनिश्चित किया है कि सरकारी खजाने की एक एक पायी जनहित में लगे। सड़क निर्माण के मामले में आज पूरे देश में जममू कश्मीर तीसरे नंबर पर है।

कुछ साल पहले तक श्रीनगर से जम्मू तक की सड़क यात्रा 11 घंटे से भी ज्यादा लंबी हाेती थी,आज यहां साढ़े पांच घंटे तकें सिमट गई है। जल्द ही यह यात्रा चार घंटे से भी कम रह जाएगी। जम्मू कश्मीर में सड़क और सुरंग परियोजनाओं पर एक लाख करोड़ की राशि खर्च किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रघानमंत्री नरेन्द्र मोदी जम्मू कश्मीर के विकास को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि वह श्रीनगर समेत वादी के सभी प्रमुख शहरों को दिल्ली समेत देश के अन्य राज्यों के साथ जोड़ने के लिए काम कर रहे हैं। जल्द ही दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे भी तैयार होगा, जिससे कश्मीर से दिल्ली तक की यात्रा 11 घंटे की रह जाएगी।

बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में जम्मू कश्मीर में बीते तीन साल में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए कहा जम्मू कश्मीर पूरे देश में एक मात्र ऐसा प्रदेश है, जहां दो एम्स बनाए जा रहे हैं। जम्मू कश्मीर में पहली बार तीन स्तरीय पंचायत राज व्यवस्था बहाल हुई है जो इस बात का परिचायक है कि केंद्र सरकार यहां लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए पूरी गंभीरत और निष्ठा के साथ काम कर रही है। सीमांत इलाकों के विाकस के लिए छह सौ करोड़ की राशि केंद्र सरकार ने आवंटित की है।

एक साल में ऐतिहासिक 52155 करोड़ा का हुआ निवेश : उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आजादी के बाद से लेकर तीन वर्ष पहले तक मात्र 15 हजार करोड़ का ही निवेश बाहर से आया था, जबकि हमने बीते एक साल के दौरान 52155 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। प्रधानमंत्री ने 38 हजार करोड़ की परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। पूरा यकीन है कि आने वाले दिनों में हमें 70 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलेंगे। इससे न सिर्फ जम्मू कश्मीर का औद्योगिक विकास तेज होगा बल्कि यहां रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

Edited By: Lokesh Chandra Mishra