जम्मू, जागरण संवाददाता : अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में शुरू हो रही नवरात्र पर्व के मद्देनजर पुलिस व प्रशासन अभी भी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने में जुट गई है। शहर में नवरात्र पर सबसे से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ प्राचीन काली माता मंदिर (बावे वाली माता) में रहती है। बावे वाली माता के मंदिर में नवरात्र से पूर्व सुरक्षा व अन्य प्रबंधनों का जायजा लेने के लिए मंडलायुक्त राघव लंगर ने पुलिस और जम्मू विकास प्राधिकरण जेडीए अधिकारियों के साथ वहां दौरा किया।

मंडलायुक्त राघव लंगर ने इस दौरान मंदिर परिसर के भीतर और आसपास सीसीटीवी कैमरे लगने को कहा ताकि संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने मंदिर की जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग करने को कहा। इस बैरिकेडिंग में जांच के बाद ही श्रद्धालुओें को मंदिर की ओर जाने की इजाजत दी जाएगी। किसी को भी मंदिर के भीतर बिजली के उपकरण और मोबाइल फोन लेकर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। श्रद्धालुओं को अपने मोबाइल फोन या तो अपनी गाड़ी या किसी दुकानदार के पास रखना होगा।

पुलिस अधिकारियों ने मंडलायुक्त को बताया कि मंदिर में प्रवेश करने से पूर्व व्यक्ति को तीन चक्र सुरक्षा जांच से निकाला जा रहा है ताकि कोई संदिग्ध अंदर तक पहुंच किसी वारदात को अंजाम ने दे पाए। मंदिर में सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे। पुलिस की ओर से डीएसपी रैंक के एक अधिकारी को मंदिर में नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्त किया जाएगा। काबिलेगौर है कि जम्मू रेलवे स्टेशन के बाहर से पुलिस कर्मियों ने आतंकी संगठन टीआरएफ के आतंकी को पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आतंकी के दो साथी अभी भी फरार है और वे कभी भी किसी भी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।