श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के त्राल में बीते सप्ताह आतंकियों द्वारा भाजपा नेता राकेश पंडिता की हत्या के मामले में पुलिस की जांच में नई बात सामने आई है। राकेश पंडिता के अंगरक्षकों को नहीं पता था कि वह त्राल में अपने किसी दोस्त के पास रुके हुए हैं। अंगरक्षकों को सिर्फ यही मालूम था कि वह जम्मू में हैं, क्योंकि राकेश पंडिता ने खुद उन्हेंं फोन पर बताया था कि वह जम्मू में अभी कुछ और दिन रुकेंगे।

त्राल म्यूनिसिपल कमेटी के चेयरमैन एवं भाजपा की पुलवामा इकाई के सचिव राकेश पंडिता की आतंकियों ने दो जून की रात उनके एक दोस्त के घर में घुसकर हत्या कर दी थी। आतंकी हमले में एक युवती भी जख्मी जख्मी हो गई थी। भाजपा के प्रदेश महासचिव अशोक कौल ने भाजपा नेता की हत्या के लिए पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं, हत्या की जांच में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने वीरवार को बताया कि करीब 20 लोगों से इस मामले में पूछताछ की जा रही है, लेकिन किसी को औपचारिक तौर पर गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि हमले में घायल युवती से भी पूछताछ की जाएगी, क्योंकि वह इस पूरी घटना की चश्मदीद गवाह है। फिलहाल, वह अस्पताल में उपचाराधीन है। उम्मीद है कि अगले चंद दिनों में वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी।

श्रीनगर में मिली थी आवासीय सुविधा: पुलिस अधिकारी ने बताया कि भाजपा नेता राकेश पंडिता को जम्मू कश्मीर पुलिस ने सुरक्षा कवच दे रखा था। उन्हेंं अंगरक्षक प्रदान किए गए थे। जिस समय राकेश पंडिता पर आतंकियों ने हमला किया, उनके अंगरक्षक श्रीनगर में ही थे। इन अंगरक्षकों से भी गहन पूछताछ की गई तो पता चला कि राकेश पंडिता मई माह के अंतिम दिनों में जम्मू में अपने परिवार के पास आए थे। वह अपने अंगरक्षकों को श्रीनगर में ही छोड़ आए थे। श्रीनगर में राकेश पंडिता को सुरक्षित आवासीय सुविधा प्रदान की गई थी।

आखिर किस वजह से त्राल में अकेले गए: अंगरक्षकों ने राकेश पंडिता से पूछा था कि वह श्रीनगर कब आ रहे हैं तो उन्होंने कहा था कि वह अभी जम्मू में रुकेंगे। इन अंगरक्षकों को यह जानकारी आतंकी हमले के बाद मिली कि राकेश पंडिता त्राल में थे। भाजपा नेता आखिर किस वजह से त्राल में अकेले गए थे, उन्होंने क्यों अपने अंगरक्षकों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी, इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते मामले की जांच की जा रही है। प्रत्येक पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच का दायरा बढय़ा गया है। दिवंगत नेता के फोन कॉल्स की भी जांच की जा रही है। 

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