जम्मू, राज्य ब्यूरो। कश्मीर के टंगडार में देश की सरहद की रक्षा करते शहीद हुए सेना के जवानों के पार्थिव शरीर वीरवार को सैन्य सम्मानपूर्वक घरों के लिए रवाना कर दिए गए। श्रीनगर से सेना के विशेष विमान से पार्थिव शरीर वीरवार को दिल्ली भेजे गए। इससे पहले चिनार कोर मुख्यालय बादामी बाग में कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों, सुरक्षाबलों, नागरिक, पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान सेना के अधिकारियाें ने थलसेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के साथ उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह की ओर से भी शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित किए। सेना के जवानों की टुकड़ी ने शस्त्र उलटे कर हवलदार राजेन्द्र सिंह, सिपाही अमित कुमार व सिपाही कमल कुमार को सलामी दी।

देश के ये वीर 3 दिसंबर को कश्मीर के टंगडार सेक्टर के अग्रिम इलाके में पेट्राेलिंग के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद शहीद हुए थे। सेना के बचाव दलों ने उन्हें गंभीर हालात में बर्फ से निकालकर मेडिकल स्टेशन तक पहुंचाया था, वहां पर उनका निधन हो गया। देश की रक्षा करते हुए शहादत पाने वाले सेना के हवलदार राजेन्द्र सिंह राजस्थान के झुनझुनु व सिपाही कमल कुमार राजस्थान के चुरू के रहने वाले थे। वहीं सिपाही अमित कुमार हरियाणा के झज्जर के रहने वाले थे।

इसी बीच वीरवार को श्रद्धांजलि देने के बाद शहीद राजेन्द्र, शहीद कमल, शहीद अमित अमर रहे के नारों के बीच सेना के जवानों ने अपने शहीदों के पार्थिव शरीर सजाए गए वाहन से विशेष विमान तक पहुंचाए। वहां से शहीदों के पार्थिव शरीर विमान से घरों की ओर भेज दिए गए। सेना के कुछ जवान भी इन शहीदों के साथ रवाना हुए।

शहीद 36 वर्षीय हवलदार राजेन्द्र सिंह वर्ष 2001 में सेना में भर्ती हुए थे। वह राजास्थान के झुनझुनु जिले की खेत्री तहसील के हरदिया गांव के निवासी थे। वह अपने पीछे पत्नी व बेटी छोड़ गए हैं। वहीं इक्कीस वर्षीय कमल कुमार राजास्थान के चुरू जिले की तारानगर तहसील के सहावा गांव के रहने वाले थे। वह अपने पीछे माता पिता छोड़ गए हैं। हरियाणा के झज्जर जिले की मतनहाली तहसील के मुंडसा गांव के निवासी 28 वर्षीय सिपाही अमित कुमार अपने पीछे पत्नी व पुत्र छोड़ गए हैं।

Posted By: Rahul Sharma

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