जम्मू, राज्य ब्यूरो। प्रदेश भाजपा ने नेशनल कांफ्रेस के स्थानीय निकाय व पंचायत चुनाव के बहिष्कार के फैसले को कायराना करार दिया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा कि जम्मू कश्मीर की बेहतरी के लिए जरूरी है कि जल्द स्थानीय निकाय चुनाव हो जाएं। भाजपा इस चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। जमीन पर लोकतंत्र मजबूत होने से सबको फायदा होगा।

नेशनल कांफ्रेंस अपने फैसले पर फिर से विचार करे। पंचायत, स्थानीय निकाय चुनाव होने से राज्य को विकास के लिए अरबों रुपये मिलना संभव होगा।

पंचायत कांफ्रेस ने कहा, पंचायतों पर राजनीतिक न करें फारूक :

पंचायत कांफ्रेंस के प्रधान अनिल शर्मा ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला पंचायत व स्थानीय निकाय चुनाव की आड़ में केंद्र सरकार को 35ए के मुद्दे पर ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं। यह मामला उच्च न्यायालय के विचाराधीन है, इसे चुनाव बहिष्कार की घोषणा कर प्रभावित करने की कोशिश करना गलत है। फारूक ऐसी राजनीतिक से बाज आएं। अनिल शर्मा ने कहा है कि राज्य में पंचायत व स्थानीय निकाय न होने से एक हजार करोड़ रुपये के केंद्रीय ग्रांट रुक जाएगी।

कांग्रेस ने भी नेकां के फैसले की निंदा की :

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर ने भी नेकां के चुनाव बहिष्कार के फैसले की निंदा करते हुए इसे गलत ठहराया। मीर ने कहा कि फारूक ही पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने पंचायत व निकाय चुनाव करवाने के राज्य प्रशासन के फैसले का स्वागत करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को तैयार रहने को कहा था। उन्होंने कहा कि 35ए का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। मैं यह समझ नहीं पा रहा हूं कि इसे इन चुनावों से क्यों जोड़ा जा रहा है। हालांकि उन्होंने कश्मीर के हालात को देखते हुए राज्यपाल से चुनाव करवाने के फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध जरूर किया।

पीडीपी ने भी दिया चुनाव से पीछे हटने का संकेत

नेशनल कांफ्रेंस के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी बुधवार को स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों से पीछे हटने का संकेत दे दिया। महबूबा ने कहा कि पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के सत्तासीन रहते हुए इस मुद्दे पर हुई सर्वदलीय बैठक में भी विभिन्न दलों ने सुरक्षा परिदृश्य का हवाला देते हुए चुनावों का विरोध किया था।

महबूबा ने यह ट्वीट नेकां प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला द्वारा राज्य के मौजूदा हालात और अनुच्छेद 35ए का हवाला देते हुए पंचायत व स्थानीय निकाय चुनावों के बहिष्कार का एलान करने के कुछ ही देर बाद किया।महबूबा ने ट्वीट में लिखा, 'सत्ता में रहते हुए मैंने स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बैठक में अधिकांश दलों ने हालात का हवाला देते हुए इन चुनावों का विरोध किया था। हमें उम्मीद थी कि इस मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला लेने से पहले एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती, जिसमें सभी अपना पक्ष रखते।'

एक अन्य ट्वीट में महबूबा ने लिखा, 'पीडीपी को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही राज्यपाल इन चुनावों के संदर्भ में एक सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे और उसमें हमारी पार्टी अपनी राय देते हुए इस मुद्दे पर अन्य दलों के साथ आमराय बनाने का प्रयास करेगी।'महबूबा ने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'केंद्र द्वारा सर्वाेच्च न्यायालय में रियासत में निकाय व पंचायत चुनावों का हवाला देना अत्यंत विनाशकारी है। इससे लोगों में विमुख्ता के बढ़ने के साथ राज्य के जमीनी हालात और जटिल हुए हैं।' 

Posted By: Preeti jha