जम्मू, जेएनएन। कश्मीर में बढ़ रहे आतंकी हमलों पर लगाम लगाने के लिए अब सुरक्षाबलों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन ने पूरी कमर कस ली है। कश्मीर के विभिन्न जिलों में बसे गैर कश्मीरियों को आतंकी निशाना न बना सकें इसके लिए कश्मीर संभाग के तीन जिलों के 11 क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा को पूरी तरह से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।

कश्मीर में पिछले एक सप्ताह से आतंकवादियों द्वारा टारगेट किलिंग का खेल जारी है। इसी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से अब इंटरनेट सेवा को बंद करने की शुरूआत की गई है। जानकारी के अनुसार, कश्मीर संभाग के तीन जिलों श्रीनगर, कुलगाम और पुलवामा के 11 क्षेत्रों में फिलहाल पहले चरण में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। 

कश्मीर संभाग के अंचार श्रीनगर, ईदगाह श्रीनगर, कमरवाड़ी श्रीनगर, सौरा श्रीनगर, एमआर गुंग श्रीनगर, नौहाट्टा श्रीनगर, सफाकदल श्रीनगर, बाईपास श्रीनगर, वाहपोह कुलगाम, कमोह कुलगाम और लिट्टर पुलवामा में फिलहाल इंटरनेट सेवा पर रोक है।

आतंकियों ने कब-कब बनाया मासूमों को निशाना

2 अक्टूबर : श्रीनगर के कर्णनगर में माजिद अहमद गोजरी और मुहम्मद शफी डार की आतंकियों हत्या कर दी।

5 अक्टूबर : कश्मीरी हिंदू दवा विक्रेता मक्खन लाल बिंदरु, रेहड़ी लगाने वाले बिहार के विरेंद्र पासवान और सूमो ड्राइवर्स एसोसिएशन के प्रधान मुहम्मद शफी लोन की हत्या की गई।

7 अक्टूबर : दो शिक्षकों दीपक चंद और प्रिंसिपल सुपिंदर कौर की श्रीनगर के सरकारी स्कूल में आइकार्ड देख की थी हत्या।

11 अक्टूबर : आतंकियों ने पुंछ के सुरनकोट वन में सेना के एक गश्ती दल पर हमला किया था जिसमें एक जेसीओ समेत सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे।

16 अक्टूबर : बिहार के रहने वाले अरबिंद कुमार शाह और उत्तर प्रदेश के सगीर अहमद की हत्या। 11 अक्‍टूबर को गस्‍ती दल पर हमले के बाद सुरक्षा बलों ने सुरनकोट वन में तलाशी अभियान चलाया जिसमें अब तक नौ जवान शहीद हो चुके हैं।

17 अक्टूबर : दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के वनपोह इलाके में एक मकान में घुसकर आतंकियों ने किराए पर रह रहे श्रमिकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसमें बिहार के रहने वाले राजा रेशीदेव और जोगिंद्र रेशीदेव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

Edited By: Vikas Abrol