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तवी रिवर फ्रंट बना जम्मू का पसंदीदा स्पॉट, मॉर्निंग वॉक से दोस्तों की महफिल तक जुट रहे लोग; सुबह से शाम तक रौनक

Published: Mon, 26 Oct 2026 12:35 PM (IST)

जम्मू का तवी रिवर फ्रंट अब शहर का नया आधुनिक केंद्र बन गया है, जो लोगों के लिए सुकून और ...और पढ़ें

तवी रिवर फ्रंट बना जम्मू वालों के सुकून का नया ठिकाना। (फोटो- इंटरनेट मीडिया)

तवी रिवर फ्रंट बना जम्मू वालों के सुकून का नया ठिकाना। (फोटो- इंटरनेट मीडिया)

HighLights

  1. तवी रिवर फ्रंट जम्मू का नया आधुनिक आकर्षण केंद्र।

  2. साबरमती की तर्ज पर 190 करोड़ की परियोजना।

  3. बाढ़ नियंत्रण, पर्यटन और पर्यावरण में सुधार।

जागरण संवाददाता, जम्मू। कभी सिर्फ मंदिरों के शहर के नाम से पहचाने जाने वाले जम्मू की आबो-हवा और शहरी मिजाज में अब एक नया और आधुनिक अध्याय जुड़ चुका है। सूर्य पुत्री तवी नदी किनारे विकसित हो रहा तवी रिवर फ्रंट शहरवासियों के लिए केवल कंक्रीट का कोई प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भागम-भाग भरी जिंदगी के बीच सुकून का नया ठिकाना बन गया है। सुबह की ताजी धूप से लेकर ढलती शाम की ठंडी बयार तक लोगों को यहां लुभा रही है। यह बदलते जम्मू की धड़कन बन चुका है।

शाम ढलते ही तवी रिवर फ्रंट की जगमगाती लाइटों के बीच शहर का एक अलग ही रंग देखने को मिलता है। यह युवाओं, परिवारों और बुजुर्गों का पसंदीदा मीटिंग प्वाइंट बन गया है। यहां की सीढ़ियों पर बैठे युवा कई बार गिटार की धुनों पर थिरकते नजर आते हैं।

नदी की कलकल बहती धारा और सुरों की जुगलबंदी माहौल को बेहद खुशनुमा बना देती है। सुबह और शाम के समय यहां कई सैर करने वाले पहुंच रहे हैं। मार्निंग व इवनिंग वाक के बाद लोग टोलियों में बैठकर स्थानीय नगर निगम के मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था पर गंभीर चर्चा करते हैं।

190 करोड़ लागत, 4 किमी दायरा

अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर तैयार की जा रही तवी रिवर फ्रंट परियोजना पर जमीनी काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। विभिन्न चरणों और कृत्रिम झील घटकों को मिलाकर इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 190 करोड़ रुपये है। पहले चरण में भगवती नगर के चौथे पुल से लेकर बिक्रम चौक पुल तक करीब 3.5 किलोमीटर का मुख्य स्ट्रेच विकसित किया गया है।

दूसरे चरण में इसे बाहु फोर्ट और विक्रम चौक तक विस्तार दिया जाना है। नदी के दोनों किनारों पर ऊंची कंक्रीट डायाफ्राम दीवारें, बाढ़ सुरक्षा तटबंध, लैंडस्केप्ड गार्डेन, साइकिल ट्रैक, पैदल पथ और आधुनिक एलईडी पोल स्थापित किए गए हैं। लोग इसका भरपूर उपयोग कर रहे हैं।

शहरवासियों के अनुभव

तवी किनारे वक्त बिताने पहुंचे विश्वविद्यालय के छात्र रोहित शर्मा का कहना है कि वे वर्षों से तवी को केवल पुलों से गुजरते हुए देखते आए थे लेकिन पहली बार नदी के इतने करीब बैठकर वक्त बिताने का मौका मिला है। अब दोस्तों से मिलने के लिए किसी महंगे कैफे की जरूरत नहीं पड़ती।

वहीं, नियमित मार्निंग वाक पर आने वाले सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी कुलदीप रैना बताते हैं कि पार्कों में भीड़ और सड़कों पर ट्रैफिक के बीच सैर करना मुश्किल था लेकिन रिवर फ्रंट पर खुली हवा और शांत वातावरण मिलता है। उनका ग्रुप रोज सुबह यहां आकर सैर करता है और फिर चाय के साथ देश-दुनिया के मुद्दों पर चर्चा होती है।

क्या कहते हैं अधिकारी

जम्मू स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुनील ठुस्सू के अनुसार, तवी रिवर फ्रंट केवल सौंदर्यकरण की योजना नहीं है, बल्कि यह शहर के पर्यावरण, बाढ़ प्रबंधन और पर्यटन को नई दिशा देने वाला प्रयास है।

डायाफ्राम वाल्स से नदी के किनारों को मजबूती मिली है जिससे बाढ़ का खतरा कम हुआ है। वर्तमान में जो काम पूरे हो चुके हैं, उन्हें नागरिकों की सुविधा के लिए खोला गया है और शेष तकनीकी व लैंडस्केपिंग कार्य भी तेजी से अंतिम चरण में पहुंचाए जा रहे हैं।