जम्मू, राज्य ब्यूरो : उसके पास नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास जंगल की देखरेख का जिम्मा था। इसका ही फायदा उठाकर उसने पुंछ के जंगल को आतंकी गतिविधियों का अड्डा बना दिया। हथियार से लेकर नशा और नकली करंसी को ऐसा मायाजाल बुन लिया कि एजेंसियां भी उसे समझ नहीं पाई। अब उस पर भी घेरा कस गया है और राज्य शासन ने पुंछ के हवेली निवासी वन अधिकारी तारिक महमूद कोहली को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि तारिक महमूद कोहली को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने सिम कार्ड दे रखे थे। वह इन सिमकार्ड का इस्तेमाल पुुंछ में नियंत्रण रेखा के साथ सटे इलाकों में जाकर करता था। जांच में पता चला है कि वह हथियार, गोला बारूद, नशीले पदार्थ और नकली करंसी ही पाकिस्तान से तस्करी के जरिए मंगवाकर उन्हेेंं आतंकियों तक पहुंचा था।

वह पुंछ और उसके साथ सटे इलाकों में आतंकी गतिविधियों का भी खाका तैयार करता था। वह पाकिस्तानी सिमकार्ड के आधार पर एलओसी पार बैठे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के अधिकारियों व आतंकियों के साथ संपर्क में रहते हुए उन तक कई गोपनीय सूचनाएं भी पहुंचाता था।

उसे आइएसआइ ने निर्देश दे रखा था कि वह तब तक बतौर स्लीपर सेल काम करे, जब तक पुंछ में आतंकी व अलगाववादी गतिविधियों के लिए पूरा माहौल तैयार नहीं हो जाता। वह पुंछ में सक्रिय रहे लश्कर के कुख्यात आतंकी अबु हांजला का भी करीबी था। वह 2010 मेेंं भी पकड़ा गया था। बाद में वह छूट गया और फिर आतंकी गतिविधियों में शुमार हो गया।

हथियार लूटने में शामिल : बड़गाम का पुलिस कर्मी शौकत अहमद खान श्रीनगर स्थित एक पूर्व एमएलसी व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की सुरक्षा में रहते हुए आतंकियों की मदद करने और फिर उक्त एमएलसी के घर से हथियार लूटने की वारदात में शामिल था। वह वर्ष 2019 से जन सुरक्षा अधिनियम के तहत जेल में बंद है। 

Edited By: Rahul Sharma