Jammu Sugar Price: त्योहारों से पहले चीनी महंगी, जम्मू में एक महीने में ₹10 किलो तक बढ़े दाम; दूध-मावा-घी भी महंगे
जम्मू में चीनी के लगातार बढ़ते दामों ने जनता और मिठाई कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है, पिछले एक महीने ...और पढ़ें

जम्मू में चीनी महंगी, मिठाई कारोबारियों की बढ़ी टेंशन।
HighLights
जम्मू में चीनी के थोक दाम 10 रुपये प्रति किलो बढ़े।
त्योहारी सीजन में मिठाइयों की लागत बढ़ने की आशंका है।
सरकार ने स्टॉक लिमिट लगाई, अक्टूबर में दाम घटने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, जम्मू। त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ही चीनी के लगातार बढ़ते दामों ने आम उपभोक्ताओं और मिठाई कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। जम्मू में पिछले करीब एक महीने के दौरान चीनी के थोक दाम में लगभग दस रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में अगले सप्ताह रक्षाबंधन के साथ शुरू होने वाले त्योहारों के सीजन में मिठाइयों और अन्य पकवानों की लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ने की संभावना बन गई है।
थोक बाजार में चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर खुदरा बाजार पर भी पड़ रहा है। कारोबारियों के मुताबिक चीनी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण दुकानदारों के लिए पुराने दाम पर बिक्री करना मुश्किल होता जा रहा है।
मिठाई कारोबारियों की बढ़ी चिंता
यदि आने वाले दिनों में कीमतों में और इजाफा हुआ तो इसका असर घरेलू रसोई के बजट के साथ-साथ मिठाई, बेकरी और खानपान से जुड़े कारोबार पर भी पड़ सकता है। शहर के मिठाई कारोबारियों का कहना है कि चीनी के अलावा दूध, मावा, घी, ड्राई फ्रूट्स और अन्य कच्चे माल की कीमतें भी बढ़ी है।
चीनी के दाम में दस रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी छोटी लग सकती है लेकिन बड़ी मात्रा में चीनी इस्तेमाल से यह अतिरिक्त खर्च काफी अधिक हो गया है। फिलहाल तो मिठाईयों के दाम में वृद्धि नहीं हुई है लेकिन आने वाले दिनों में इसका असर मिठाइयों की कीमतों पर पड़ सकता है।
त्योहारों में बढ़ती है मांग
त्योहारों के दौरान चीनी की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है। रक्षाबंधन के बाद जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाता है। इन अवसरों पर घरों में मिठाइयां और पारंपरिक पकवान तैयार किए जाते हैं जबकि बाजार में भी मिठाइयों की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है।
ऐसे में चीनी के दाम में हुई बढ़ोतरी का असर बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की लागत पर पड़ना तय है।
चीनी के दाम
21 जुलाई
थोक : 51 से 53 रुपये प्रति किलो
खुदरा : 55 से 58 रुपये प्रति किलो
10 अगस्त
थोक : 56 से 58 रुपये प्रति किलो
खुदरा : 62 से 67 रुपये प्रति किलो
21 अगस्त
थोक : 62 से 65 रुपये प्रति किलो
खुदरा : 70 से 75 रुपये प्रति किलो
स्टाक लिमिट सीमित करने से भी पड़ेगा असर
बता दें कि जम्मू संभाग में हर महीने औसतन चार से पांच टन चीनी की खपत होती है। जम्मू में चीनी की मुख्य आपूर्ति पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होती है।चीनी के दामों में लगातार वृद्धि को देखते हुए सरकार ने थोक विक्रेताओं से लेकर मिल मालिकों व चीनी से बनने वाले उत्पादों के लिए स्टाक लिमिट सीमित कर दी है जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद बंधी है।
कोल्ड ड्रिंक्स, बिस्कुट व अन्य कंफेक्शनरी चीजें बनाने वाली फैक्टरियों को पहले एक महीने तक का स्टाक रखने की अनुमति थी जिसे अब कम करके 15 दिन कर दिया गया है।
अक्टूबर में नई फसल आने पर दाम घटने की आस
नेहरू मार्केट ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस के प्रधान दीपक गुप्ता ने बताया कि एथनाल के लिए गन्ने के डायवर्जन ने चीनी की उपलब्धता पर दबाव जरूर बढ़ाया है। मौजूदा सीजन में करीब 30 लाख टन चीनी के बराबर उत्पादन एथनाल की ओर गया। हालांकि मौजूदा तेजी की प्रमुख वजह कम उत्पादन और तंग आपूर्ति भी है। सरकार ने अब एक मिलियन टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है ताकि घरेलू आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों पर लगाम लगाई जा सके।
नई गन्ने की फसल अब अक्टूबर मध्य में आएगी और उम्मीद है कि सरकार ने जो कदम उठाया है, उससे तब तक चीनी के दाम में ठहराव आएगा और नई फसल आने पर दाम और कम होंगे।
