जम्मू, जागरण संवाददाता । केंद्र सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत ऊधमपुर जिले के धार्मिक स्थल सुद्धमहादेव और मानतलाई के विकास के लिए 84 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। हिमालयन सर्किट के तहत ये दोनों धार्मिक स्थल लिए गए हैं और इसे मानतलाई-सुद्धमहादेव-पत्नीटॉप सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

मानतलाई में 82.16 करोड़ रुपये की लागत से लैंड स्केपिंग, सौंदर्यीकरण, लाइटिंग, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, सूचक बोर्ड, भीतर पॉथ-वे का निर्माण, पर्यटन सुविधा केंद्र, सुरक्षा बांध, अत्याधुनिक ओपन एयर एप्लीथियेटर, वॉकिंग व  जागिंग ट्रैक, महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग से शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, गार्ड रूम, बारिश से बचने के लिए आश्रय, सोलर पॉवर प्लांट व अन्य बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। वहीं सुद्धमहादेव में 1.97 करोड़ की लागत से टूरिस्ट केफेटेरिया, हाल व प्रतीक्षा कक्ष, लैंड स्केपिंग व सोलर लाइटिंग समेत अन्य पर्यटन ढांचा विकसित किया जाएगा।

दोनों धार्मिक पर्यटन स्थलों पर होने वाले इस ढांचागत विकास की जानकारी केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व जम्मू-कश्मीर के प्रभारी अविनाश राय खन्ना को पत्र लिखकर दी है। अविनाश राय खन्ना ने इन स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव रखा था, जिसके जवाब में अब केंद्र ने उन्हें सुद्धमहादेव-मानतलाई के लिए मंजूर योजना की जानकारी दी है। अविनाश राय खन्ना ने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार प्रकट करते हुए उम्मीद जताई कि ये प्रोजेक्ट जल्द पूरे होंगे और श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलेंगी।

दोनों स्थलों का धार्मिक महत्व

सुद्धमहादेव में भगवान शिव का एतिहासिक व प्राचीन शूलपाणोश्वर मंदिर है। इस मंदिर में भगवान शिव का विशालकाय त्रिशूल मौजूद है।  इसे मां पार्वती का जन्म स्थान कहा जाता है। जिस अग्निकुंड के भगवान शिव ने मां पार्वती संग फेरे लिए थे, वहां आज बड़ा जल कुंड बना है। प्राकृतिक सौंदर्य से सराबोर मानतलाई में स्वामी धीरेंद्र ब्रह्मचारी का आश्रम भी है। 

जम्मू से कैसे जाएं?

जम्मू या ऊधमपुर रेलवे स्टेशन से सुद्धमहादेव जाने के लिए आसानी से बस और प्राइवेट टैक्सी मिल जाती हैं।

जम्मू से मानतलाई की दूरी 92 किलोमीटर है जबकि सुद्धमहादेव 115 किलोमीटर दूर स्थित है। ऊधमपुर से 26 किलोमीटर दूर है तो सुद्धमहादेव 50 किलोमीटर दूर है। इन दोनों धार्मिक स्थलों पर केवल सड़क मार्ग से ही जाना संभव है और सड़क मार्ग भी काफी बेहतर है। अक्सर पत्नीटॉप जाने वाले पर्यटक लौटते समय सुद्धमहादेव और मानतलाई के दर्शन को जरूर जाते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहां पर पर्याप्त बंदोबस्त हैं।

 

Posted By: Rahul Sharma

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