आरएसपुरा, संवाद सहयोगी : कोरोना महामारी के लगातार बढ़ते मामलों के बीच अचानक से जिला प्रशासन ने वीकेंड लाकडाउन की घोषणा की और पुलिस ने दुकानों को बंद कराना शुरू कर दिया। बाजार में पहुंचे लोगों को वापस घर लौटाया जाने लगा। मुख्य चौराहों पर कंटेले तार बिछा दिए गए। प्रशासन की आननफानन में इस तरह लाकलाउन लगाने से लोगों में रोष भी है। लोगों और दुकानदारों का कहना था कि लाकडाउन की सूचना पहली दी जानी चाहिए थी ताकि लोग घरों से निकलते ही नहीं।

प्रशासन द्वारा जिलास्तर लागू किए गए वीकेंड लॉकडाउन के चलते आरएसपुरा में दुकानदारों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह अपनी दुकानों को बंद रखें। पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य चौराहों पर तारबंदी करने के साथ-साथ लोगों को अपने घरों में ही रहने को कहा। शनिवार की सुबह वीकेंड लॉकडाउन के चलते पुलिस व प्रशासन ने आरएसपुरा में खुली गैर जरूरी दुकानों को बंद करवाया। इसके अलावा बाजारों में बिना वजह घूम रहे लोगों को भी घर जाने को कहा।

पुलिस की ओर बाजारों लाउडस्पीकर से एलान किया गया कि वीकेंड लाकडाउन के चलते दुकानदार दुकानों को बंद करें। इसके अलावा बिना वजह घर से ना निकले और मास्क जरूर पहनें। दुकानदारों ने रोष जताया कि अगर प्रशासन को लाकडाउन लगाना था तो कम से कम इसकी जानकारी उनको सुबह ही दे दी जानी चाहिए थी। आरएसपुरा बाजार एसोसिएशन के प्रधान सचिन चोपड़ा ने कहा है कि प्रशासन का जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। उनका कहना है कि पहले दुकानदारों से बातचीत होनी चाहिए थी उसके बाद प्रशासन को इस संबंध में कोई फैसला लेना चाहिए था।

चोपड़ा ने कहा कि सुबह दुकानदारों ने जब दुकानें खोल ली उसके बाद उनको बंद करने का आदेश दिया गया जो गलत है। पर वो प्रशासन के आदेश का पालन करते हुए अपनी दुकानें बंद कर रहे हैं। वही अचानक आए लॉकडाउन के आदेश के चलते काफी लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कई लोग बाजार में खरीदारी करने के लिए पहुंचे थे पर जहां पर दुकानों को बंद करने के आदेश के बाद उनको वापस लौटना पड़ा। पुलिस व उपजिला प्रशासन की ओर से आरएसपुरा में वीकेंड लॉकडाउन का पालन के लिए पूरी तरह से सख्ती बरती गई। गैर जरूरी सामान की सभी दुकानों को बंद करवाया गया। वीकेंड लॉडाउन के चलते आरएसपुरा मात्र जरूरी सामान की दुकानें ही खुली रही।